सब्जी मंडी मामला: हाई कोर्ट से कुकडेश्वर नगर परिषद को राहत, अतिक्रमण हटाने के लिए मिला 3 माह का समय

हाई कोर्ट के इस नए निर्देश के बाद अब नगर परिषद के पास मंडी को व्यवस्थित करने के लिए 3 महीने का समय है, लेकिन दोषी अधिकारियों पर होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
Indore HC

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नीमच जिले के कुकडेश्वर में बहुचर्चित सब्जी मंडी स्थानांतरण और अवैध निर्माण हटाने के मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने नगर परिषद को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कुकडेश्वर नगर परिषद को अपने पूर्व के आदेशों के पालन के लिए 3 महीने का अतिरिक्त समय प्रदान किया है।

यह निर्णय 30 अप्रैल 2026 को जस्टिस प्रणय वर्मा की एकलपीठ द्वारा विविध सिविल प्रकरण (MCC No. 924/2026) की सुनवाई के दौरान लिया गया। नगर परिषद ने अदालत के समक्ष आवेदन दायर कर पूर्व में जारी आदेशों (W.P. No. 17704/2019 और अवमानना याचिका No. 230/2026) के अनुपालन के लिए समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दर्शना बघेल ने पक्ष रखा, जिसके बाद अदालत ने परिस्थितियों पर विचार करते हुए 3 माह की अतिरिक्त मोहलत मंजूर कर ली।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला कुकडेश्वर सब्जी मंडी को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने और वर्तमान स्थल पर बने अवैध ढांचे को गिराने से संबंधित है। कोर्ट द्वारा दी गई यह नई समय-सीमा मुख्य रूप से इन्हीं दो कार्यों (शिफ्टिंग और अतिक्रमण हटाने) के लिए है।

अधिकारियों से वसूली की तलवार अभी भी लटकी

हालांकि, इस मामले का एक और महत्वपूर्ण पहलू ‘शासन के पैसों का कथित अवैध उपयोग’ है। इस संदर्भ में न्यायालय ने पूर्व में जिम्मेदार अधिकारियों से वसूली के निर्देश कलेक्टर को दिए थे। ताजा घटनाक्रम में स्पष्ट हुआ है कि वसूली से संबंधित आदेश में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वह यथावत है।

आज समाप्त हो रही वसूली की समय सीमा 

गौरतलब है कि वसूली की कार्रवाई के लिए कलेक्टर को दी गई 3 माह की समय-सीमा 1 मई को समाप्त हो रही है। अब तक इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाए गए हैं, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

हाई कोर्ट के इस नए निर्देश के बाद अब नगर परिषद के पास मंडी को व्यवस्थित करने के लिए 3 महीने का समय है, लेकिन दोषी अधिकारियों पर होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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