महिलाओं की मजदूरी पर डाका, रस्सी फैक्ट्री के बाहर धरने पर बैठीं, अपमानजनक व्यवहार के आरोप

मजदूर महिलाओं का कहना है कि जब भी वे अपनी मजदूरी की मांग करती हैं तो उन्हें टालमटोल किया जाता है और कई बार अपमानजनक व्यवहार का भी सामना करना पड़ता है।
Neemuch women workers protest

Neemuch women workers protest

नीमच जिले के समीप स्थित भड़भड़ियाँ रस्सी फैक्ट्री में काम करने वाली मजदूर महिलाओं ने मजदूरी नहीं मिलने और शोषण का आरोप लगाते हुए फैक्ट्री के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। महिलाओं का कहना है कि फैक्ट्री मालिक द्वारा उनसे लंबे समय से काम कराया जा रहा है, लेकिन उनकी मेहनताना राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

धरने पर बैठी महिलाओं ने आरोप लगाया कि वे रोजाना कई घंटों तक रस्सी बनाने का काम करती हैं, बावजूद इसके उन्हें या तो पूरी मजदूरी नहीं दी जाती या फिर कई-कई दिनों तक भुगतान टाल दिया जाता है। मजदूर महिलाओं का कहना है कि जब भी वे अपनी मजदूरी की मांग करती हैं तो उन्हें टालमटोल किया जाता है और कई बार अपमानजनक व्यवहार का भी सामना करना पड़ता है।

प्रशासन से निष्पक्ष जाँच की मांग 

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर फैक्ट्री मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान कराया जाए। महिलाओं का कहना है कि मजदूरी ही उनके परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र साधन है और भुगतान नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

आन्दोलन की दी चेतावनी 

धरने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की जा रही है। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और उग्र रूप देंगी। फिलहाल इस मामले में फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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