बीजेपी नेत्री का अमर्यादित ऑडियो वायरल

बीजेपी नेत्री का अमर्यादित ऑडियो वायरल

सोशल मीडिया में इस समय खुद को भाजपा की महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री बताने वाली महिला का एक ऑडियो वायरल हो रहा है।दरअसल इस महिला की लाखन सिंह नामक व्यक्ति से पहले तो फेसबुक पर जमकर तकरार हुई। तकरार की वजह धार्मिक थी और इस पर सीधे-सीधे धार्मिक श्रेष्ठता बताने की कोशिश की गई। जब लाखन ने प्रतिवाद किया तो महिला ने लाखन के लिए फेसबुक पोस्ट पर भी अपशब्द लिख डाले। लेकिन महिला इतने पर ही नहीं रुकी, उसके बाद उसने जो किया वह ना तो लिखे जाने लायक है और ना सुनाने लायक। किसी व्यक्ति के माध्यम से सीधे लाखन को फोन लगाया और फिर जमकर ऐसे अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया जो किसी सभ्य व शालीन व्यक्ति को शोभा नहीं देते। इस दौरान लाखन प्रतिवाद जरूर करते रहे लेकिन महिला लगातार गालियों पर गालियां देती रही और लाखन को देख लेने की धमकी भी देती रही। यहां तक कि उसने लाखन के माता पिता के चरित्र को नहीं छोड़ा । महिला के इस आचरण से कांग्रेस को बैठे-बिठाए मानो मुद्दा मिल गया है ।

कांग्रेस के प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा का कहना है कि पद पर बैठी महिला का यह आचरण भाजपा की संस्कृति का प्रतीक है जो दलितों के साथ दोमुहां व्यवहार करती है । एक तरफ जहां बीजेपी सागर में धनीराम अहिरवार के परिवार के साथ सहानुभूति का झूठा नाटक कर जबरन का श्रेय लेने की कोशिश करती है। वहीं इसकी प्रदेश मंत्री का आचरण दलितों के प्रति बीजेपी की सच्ची सोच बताता है

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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