पूर्व गृहमंत्री को हुई अपने जिले की जनता की चिंता, बिना हो हल्ला के भेजा स्वास्थ्य मंत्री को पत्र, की अस्पताल शुरु करने की मांग

पूर्व गृहमंत्री को हुई अपने जिले की जनता की चिंता, बिना हो हल्ला के भेजा स्वास्थ्य मंत्री को पत्र, की अस्पताल शुरु करने की मांग

रतलाम, सुशील खरे

पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा है, जिसमें कोठारी ने मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि रतलाम जिले में 150 सीट वाले शासकीय मेडिकल कॉलेज को प्रारंभ हुए 3 वर्ष हो चुके है। नियमानुसार 03 वर्ष होने पर मेडिकल कॉलेज में 750 बिस्तरों का अस्पताल भी प्रारंभ होना चाहिए जो की नहीं हुआ है, जिसको प्रारंभ किया जाना अति आवश्यक है ।

साथ ही चिकित्सालय प्रारम्भ होने के पहले आवश्यक मेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाए। कोरोना महामारी का संकट चल रहा है मरीजों की संख्या एवं इस महामारी से मरने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही इन सभी कारणों को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में चिकित्सालय प्रारंभ किया जाने की आवश्यकता है।

यह पहली बार नहीं है जब हिम्मत कोठारी ने जनता कि आवाज़ उठाई हो, इसके पहले भी सैकड़ों बार पूर्व गृहमंत्री ने सड़क से विधानसभा तक संघर्ष किया है। रतलाम जिले के इतिहास में एक सुनहरा अध्याय वो है जब पूर्व मंत्री कोठारी ने एक-एक रुपया जनता से मांगकर जिले का एक मात्र सबसे बड़ा बाल चिकित्सालय खोल दिया था।

पूर्व मंत्री कोठारी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के उदघाटन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि मेडिकल कॉलेज का चिकित्सालय सुपर स्पेशलिटी एवं अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगा । कोठारी ने स्वास्थ्य मंत्री को अवगत कराया कि बिल्डिंग बनकर तैयार है, मशीनें उपकरण खरीद कर इसका जल्द से जल्द प्रारंभ किया जाना चाहिए ।

पूर्व गृहमंत्री कोठारी ने कहा कि कोरोना वायरस लंबे समय में भी रहने वाला है, इसलिए मेडिकल कालेज में कोविड के मरीजों के लिए 100 बिस्तरों का अलग वार्ड ही प्रारंभ किया जाए ताकि भविष्य में इस बीमारी से लड़ने की संसाधन उपलब्ध रहे । रतलाम मेडिकल कॉलेज में चिकित्सालय प्रारंभ होने से रतलाम के ही साथ ही झाबुआ धार मंदसौर नीमच एवं बांसवाड़ा जिले के लोगों को भी इस चिकित्सालय का लाभ प्राप्त होगा । क्योंकि यह चिकित्सालय सुपर स्पेशलिटी वाला एवं आवश्यक अन्य उपकरणों से सुसज्जित होगा जिससे लोगों को अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों में न जाना होगा और यहीं लाभ प्राप्त हो सकेगा।

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