शिवराज ने किया उपचुनाव प्रचार का शंखनाद, दांव पर दिग्गजों का भविष्य

शिवराज ने किया उपचुनाव प्रचार का शंखनाद, दांव पर दिग्गजों का भविष्य

रायसेन| दिनेश यादव| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कांग्रेस (Congress) के 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद हुए सत्ता परिवर्तन की अभी असली परीक्षा होना बाकी है| कांग्रेस छोड़ भाजपा (BJP) में आये नेताओं का दल बदलने का फैसला कितना सही साबित होगा यह आगामी समय में होने वाले उपचुनाव में तय होगा| राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है| इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना संकट के बीच चुनाव प्रचार का शंखनाद कर दिया है|

सोमवार को भोपाल में मंदिर खुलते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने भगवान का आशीर्वाद लिया| इसके बाद उपचुनाव के लिए प्रचार का आगाज कर दिया| शिवराज रायसेन जिले की सांची विधानसभा अंतर्गत ग्राम मेहगांव पहुंचे। जंहा उन्होंने उपचुनाव के मद्देनजर जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की| इस दौरान शिवराज कांग्रेस और कमलनाथ पर जमकर बरसे| पिछली सरकार के चुनावी वादों पर हमला बोलते हुए शिवराज ने कहा बीते 15 महीनों में कांग्रेस ने प्रदेश को ठगने का काम किया है। उन्होंने युवा किसान बेरोजगार माताओ बहनों के साथ साथ किसानों को झूँठा दिलासा दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जो कार्य अधूरे है उनको डॉ प्रभुराम चौधरी जी के नेतृत्व में ओर डॉ गौरीशंकर शेजवार जी के मार्गदर्शन में पूरा करेंगे।

आंधी बारिश के कारण सुरखी दौरा रद्द
मेहगां के बाद सीएम शिवराज का सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान था| लेकिन यहां का कार्यक्रम आंधी-बारिश के कारण निरस्त कर दिया गया| आंधी के कारण पंडाल गिर गया था इसलिए बांसा गांव में होने वाला कार्यक्रम रद्द करना पड़ा|

दिग्गजों का भविष्य दांव पर
कमलनाथ सरकार को बेदखल करने में मुख्य भूमिका निभाने वाले 22 पूर्व विधायकों का भविष्य उपचुनाव में दांव पर है| कांग्रेस से आये नेताओं का टिकट लगभग तय माना जा रहा है| एक दो सीट पर फेरबदल की गुंजाईश है| ऐसे में भाजपा के लिए अपने नाराज नेताओं को साधते हुए सीट पर कब्जा ज़माना चुनौती होगी| वहीं अपने समर्थकों की जीत का जिम्मा ज्योतिरादित्य सिंधिया पर अधिक होगा| हालाँकि अभी तक सिंधिया चुनाव क्षेत्र में कोई दौरा नहीं कर पाए हैं|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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