राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने उठाए सवाल, नियम बदलकर विधायक की सदस्यता रद्द करने की मांग की

हाल ही में हरियाणा, ओडिशा और बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मांग की है कि पार्टी के खिलाफ वोट देने वाले विधायक की सदस्यता रद्द करने का कानून बनाया जाना चाहिए।
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने उठाए सवाल, नियम बदलकर विधायक की सदस्यता रद्द करने की मांग की

देश के कई राज्यों में हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग को लेकर पार्टी के भीतर बहस तेज हो गई है। इस बीच, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने एक बड़ी मांग उठाते हुए कहा है कि राज्यसभा चुनाव में पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाले विधायक की सदस्यता समाप्त करने का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने मौजूदा नियमों को खरीद-फरोख्त रोकने में नाकाफी बताया है।

हरियाणा, ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों में कांग्रेस उम्मीदवारों को क्रॉस वोटिंग की वजह से नुकसान उठाना पड़ा है। इस घटनाक्रम पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए गहलोत ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।

‘लोकतंत्र बचाने की लड़ाई के बीच यह दुर्भाग्यपूर्ण’

अशोक गहलोत ने कहा कि जब पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे समय में विधायकों का पार्टी के खिलाफ जाना समझ से परे है।

“हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में हरियाणा, ओडिशा और बिहार में कांग्रेस विधायकों द्वारा हुई क्रॉस वोटिंग बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। ऐसे समय में यह समझ से परे है कि वोट दिखाने के बावजूद विधायक क्रॉस वोटिंग की हिम्मत कर रहे हैं।” — अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री, राजस्थान

उन्होंने इस घटनाक्रम की तुलना राजस्थान में अपने कार्यकाल के दौरान हुए राज्यसभा चुनावों से की, जहां कांग्रेस को अपनी संख्या से अधिक वोट मिले थे।

जब राजस्थान में कांग्रेस को मिले थे अतिरिक्त वोट

गहलोत ने अपने मुख्यमंत्री काल को याद करते हुए कहा, “इससे मुझे राजस्थान में 2018 से 2023 के बीच हुए राज्यसभा चुनावों की याद आई जिनमें हमने पार्टी हाईकमान और पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। कांग्रेस के 102 विधायक होते हुए भी 126 विधायकों के वोट कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवारों के पक्ष में मिले।” उन्होंने कहा कि यह बिना किसी लोभ-लालच के केवल हाईकमान के विश्वास और बनी हुई गुडविल से संभव हो सका था।

वोटिंग के नियमों में बदलाव की सख्त जरूरत

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया में तत्काल सुधार की वकालत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा व्यवस्था विधायकों को पार्टी लाइन से भटकने से रोकने के लिए अपर्याप्त है। गहलोत ने साफ तौर पर कहा, “अब सबसे बड़ी जरूरत राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के नियम बदलने की महसूस हो रही है जिसकी मांग कांग्रेस को करनी चाहिए। यदि कोई विधायक राज्यसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ जाकर वोट दे तो उसकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए। केवल वोट दिखाकर मतदान की प्रक्रिया अब राज्यसभा चुनाव में हो रही खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए नाकाफी साबित हो रही है।”

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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