असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद पार्टी में पहला बड़ा इस्तीफा हुआ है। दरअसल असम कांग्रेस के प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने हालिया चुनाव में मिली हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना त्यागपत्र भेजा है। इस इस्तीफे के साथ ही कांग्रेस में चुनाव परिणाम के बाद बदलाव का दौर शुरू होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
भंवर जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे अपने पत्र में इस बात का जिक्र किया है कि वह असम के प्रभारी महासचिव पद से तत्काल प्रभाव से अपना त्यागपत्र दे रहे हैं। उन्होंने पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा कि हालिया चुनाव परिणाम बेहद निराशाजनक रहे हैं, और वह इन परिणामों में अपनी भूमिका की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। सिंह ने आगे कहा कि उनके सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, वे असम की जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके, जिनकी सेवा करने का उन्होंने संकल्प लिया था। यह बयान उनकी ईमानदारी और हार को स्वीकार करने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
जानिए उन्होंने क्या कहा?
Respected Shri @kharge ji,
I write to tender my resignation as General Secretary In-Charge of Assam with immediate effect.
The recent election results have been deeply disappointing, and I take full responsibility for my role in the outcome. Despite our best efforts, we were… pic.twitter.com/1LYzx9zbMD— Jitendra Singh Alwar (@JitendraSAlwar) May 4, 2026
दरअसल भंवर जितेंद्र सिंह ने अपने पत्र में मुझ पर भरोसा जताने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “मुझे सेवा करने का अवसर मिला और इस दौरान मुझ पर जो भरोसा जताया गया, उसके लिए मैं आभारी हूं। मैं असम की जनता के साथ-साथ असम के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को उनके प्रेम और सम्मान के लिए धन्यवाद देता हूं।” उन्होंने यह भी दोहराया कि वह कांग्रेस पार्टी के मूल्यों और दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्ध हैं और पार्टी के प्रयासों में उचित समझे जाने वाली किसी भी क्षमता में अपना सहयोग जारी रखेंगे। उन्होंने इस पद पर अपने पूरे कार्यकाल के दौरान मिले मार्गदर्शन और समर्थन के लिए भी धन्यवाद दिया। यह उनके पार्टी के प्रति निष्ठा और भविष्य में भी योगदान देने की इच्छा को उजागर करता है।
एनडीए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए तैयार
गौरतलब है कि असम में सत्तारूढ़ एनडीए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए तैयार है। 126 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए को कुल 101 सीटों पर शानदार जीत मिली है। रात 10 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 81 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि एक सीट पर वह आगे चल रही थी। उसके सहयोगी दलों, बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और असम गण परिषद (एजीपी) को 10-10 सीटों पर जीत मिली है, जो गठबंधन की मजबूती को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की शानदार जीत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी जीत का परचम लहराते हुए कांग्रेस उम्मीदवार बिदिशा नियोग को 89,434 मतों के विशाल अंतर से हराया। उन्होंने लगातार छठी बार जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की है, जो उनकी लोकप्रियता और क्षेत्रीय पकड़ का प्रमाण है। विपक्षी खेमे में कांग्रेस ने 15 सीटों पर जीत हासिल की और चार सीटों पर आगे चल रही थी। बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाले एआईयूडीएफ और अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले रायजोर दल को दो-दो सीटों पर संतोष करना पड़ा। वहीं, तृणमूल कांग्रेस को एक सीट पर जीत मिली है। यह आंकड़े असम में विपक्ष की कमजोर स्थिति को दर्शाते हैं, जिसके कारण कांग्रेस के प्रभारी को इस्तीफा देना पड़ा।






