राजस्थान की राजनीति में एक नया मामला सामने आया है। दरअसल पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह जसोल ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया है कि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी जिससे उनके समर्थकों में भी बेचैनी बढ़ गई है। जोधपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान मानवेंद्र सिंह जसोल ने बताया कि कुछ दिनों पहले उन्हें संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं जिससे उन्हें शक हुआ कि कोई उनकी रेकी कर रहा है।
वहीं उन्होंने बिना देरी किए पुलिस को सूचना दी जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब वे पहले से ही निजी कारणों को लेकर चर्चा में बने हुए थे जिससे इस घटना ने लोगों का ध्यान और खींच लिया है।
रेकी के दावे से बढ़ी सियासी हलचल
वहीं इस घटना के बाद स्थानीय राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। दरअसल उनके समर्थकों का कहना है कि यह सिर्फ एक सामान्य घटना नहीं है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। वहीं प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि अगर कोई सुरक्षा खतरा है तो उसे जल्द से जल्द खत्म किया जाए। हालांकि यह मामला आने वाले दिनों में और स्पष्ट हो सकता है जब जांच रिपोर्ट सामने आएगी।
महंगाई पर भी दिया बड़ा बयान
वहीं जोधपुर दौरे के दौरान जसोल ने सिर्फ अपनी सुरक्षा का मुद्दा ही नहीं उठाया बल्कि देश में बढ़ती महंगाई पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय हालात को जिम्मेदार हैं। उनके मुताबिक ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती अनिश्चितता का असर सीधे सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई प्रभावित होती है, तो उसका असर भारत जैसे देशों में कीमतों के रूप में दिखाई देता है।
इसके अलावा मानवेंद्र सिंह जसोल ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां चुनावी माहौल में सत्ताधारी दल की चिंता साफ नजर आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार ईवीएम पर सवाल उठाना लोकतंत्र के लिए सही संकेत नहीं है।






