CBN की बड़ी कार्रवाई, पार्सल में केक के बीच छिपाकर थाईलैंड से जयपुर आ रहा प्रतिबंधित “हाइड्रोपोनिक वीड्स” जब्त

सीबीएन ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए बरामद हाइड्रोपोनिक वीड्स को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत जब्त कर लिया है।
Rajasthan CBN Action

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नशा मुक्त भारत अभियान के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) राजस्थान यूनिट को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाईलैंड से जयपुर भेजे गए एक अंतरराष्ट्रीय पार्सल के जरिए नशे की खेप मंगवाई जा रही थी, जिसे सीबीएन के अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए समय रहते पकड़ लिया। इस कार्रवाई में अधिकारियों ने कुल 01.080 किलोग्राम वजन का प्रतिबंधित हाइड्रोपोनिक वीड्स (गांजा) बरामद किया है।

केक के पैकेटों में छिपाकर की जा रही थी तस्करी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीबीएन जयपुर के अधिकारियों को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि फॉरेन पोस्ट ऑफिस (FPO) कस्टम्स, जयपुर में थाईलैंड से आए एक पार्सल के भीतर नशीला पदार्थ मौजूद हो सकता है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सीबीएन जयपुर ने एक विशेष टीम का गठन किया।

29 सितंबर 2026 को FPO कस्टम्स के सहयोग से संदिग्ध पार्सल की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पार्सल में रखे कार्टन के भीतर केक और अन्य सामान के पैकेट मिले। अधिकारियों ने जब केक के पैकेटों की जांच की, तो उनके बीच 29 पाउच में छिपाकर रखा गया उच्च गुणवत्ता वाला प्रतिबंधित हाइड्रोपोनिक वीड्स बरामद हुआ।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, नेटवर्क की जांच शुरू

सीबीएन ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए बरामद हाइड्रोपोनिक वीड्स को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत जब्त कर लिया है। विभाग द्वारा अब इस बात की गहन जांच की जा रही है कि यह पार्सल थाईलैंड से किसने भेजा था और जयपुर में इसकी डिलीवरी किसे की जानी थी। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई ड्रग कार्टेल्स और अवैध तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने की दिशा में एक अहम कदम है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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