सीएम भजनलाल का उपभोक्ताओं को तोहफा, पहली बार विद्युत कनेक्शन के आवेदकों को केबल टेस्टिंग शुल्क में दी बड़ी रियायत

सुरक्षा के उद्देश्य से इन केबल का डिस्कॉम की सेन्ट्रल टेस्टिंग लैब में परीक्षण कराना अनिवार्य होता है। इसकी एवज में उनसे परीक्षण शुल्क लिया जाता है।
Jaipur Vidyut Vitran Nigam

Jaipur Vidyut Vitran Nigam

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं के हित में लगातार निर्णय ले रही है। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशन में जयपुर विद्युत वितरण निगम ने विद्युत कनेक्शन के आवेदकों को केबल टेस्टिंग शुल्क में बड़ी रियायत दी है। पिछले कई वर्षों से परीक्षण शुल्क में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। यह पहला अवसर है जिसमें विद्युत केबल के परीक्षण शुल्क को इस स्तर तक कम कर उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाई गई है।

लघु उद्योग भारती, यूकोरी सहित प्रदेश के अन्य औद्योगिक संगठनों ने इस संबंध में राज्य सरकार से राहत की मांग की थी। जिस पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए जयपुर डिस्कॉम ने बुधवार को एचटी एवं एलटी कनेक्शनों के लिए केबल टेस्टिंग शुल्क में 20 प्रतिशत से 62 प्रतिशत तक की राहत दी है। एचटी श्रेणी के कनेक्शन के लिए केबल की टेस्टिंग पर लगने वाला अधिकतम शुल्क 81 हजार 381 रुपये से घटा कर 55 हजार रुपये तथा एलटी श्रेणी के लिए अधिकतम केबल टेस्टिंग शुल्क 54 हजार 257 रुपये से घटाकर 20 हजार 750 रुपये किया गया है।

इन्हें मिलेगा सबसे अधिक लाभ 

निगम के इस निर्णय का सर्वाधिक लाभ उन उद्यमियों, मॉल, कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, आवासीय मल्टी स्टोरी बिल्डिंग आदि का विद्युतीकरण कराने वाले आवेदकों को होगा जो कनेक्शन के लिए स्वयं के स्तर पर केबल लगाते हैं। सुरक्षा के उद्देश्य से इन केबल का डिस्कॉम की सेन्ट्रल टेस्टिंग लैब में परीक्षण कराना अनिवार्य होता है। इसकी एवज में उनसे परीक्षण शुल्क लिया जाता है।

6 हजार 618 रुपये से 33 हजार 507 रुपये तक कमी

निगम ने अन्य राज्यों के डिस्कॉम्स का अध्ययन कर केबल चार्जेज को तर्कसंगत बनाया है। डिस्कॉम समन्वय फोरम की बैठक में लिए गए इस आशय के फैसले के क्रम में अधीक्षण अभियन्ता (निरीक्षण एवं भण्डार) ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। एचटी कनेक्शन के लिए विद्युत केबल के टेस्टिंग शुल्क में न्यूनतम 8 हजार 300 रुपये से अधिकतम 26 हजार 381 रुपये तथा एलटी कनेक्शन के लिए विद्युत केबल के टेस्टिंग शुल्क में न्यूनतम 6 हजार 618 रुपये से 33 हजार 507 रुपये की कमी की गई है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews