अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के पावन अवसर पर, जब पूरी दुनिया योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक एकाग्रता का अभ्यास कर रही है, उसी दिन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आबूराज की पवित्र भूमि पर स्वयं योग किया और इस प्राचीन भारतीय जीवन पद्धति के महत्व को एक बार फिर बताया। उन्होंने इस मौके पर साफ कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा को जोड़ने वाली एक संपूर्ण जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाती है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी प्रयासों और वैश्विक स्तर पर किए गए कामों की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के लगातार प्रयासों से योग आज देश की सीमाओं से बाहर निकलकर पूरी दुनिया का जनआंदोलन बन चुका है और इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री को जाता है।
दरअसल उन्होंने आगे बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ही सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले संबोधन के दौरान पूरी दुनिया को योग से परिचित कराया था और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का आह्वान किया था। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव रखा और इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राष्ट्र संघ ने हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, उसकी आध्यात्मिक शक्ति और वैश्विक नेतृत्व का बड़ा सम्मान है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह भी कहा कि आज योग सचमुच पूरी दुनिया का जनआंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी भी कहते हैं कि जैसे योग शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा को जोड़ता है, उसी तरह योग आज पूरी दुनिया को भी जोड़ रहा है। यह एक ऐसा सूत्र है, जो अलग-अलग संस्कृतियों और देशों को एक साथ लाता है।
भारत ने योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आगे कहा कि इसी सोच को साकार करते हुए भारत ने योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाकर दुनिया में अपनी एक ‘सॉफ्ट पावर’ के रूप में खास पहचान बनाई है। साथ ही योग को कर्मयोग से जोड़कर व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के रूप में विकास की ताकत को कई गुना बढ़ाया गया है, जिससे हर क्षेत्र में प्रगति का रास्ता खुला है। उन्होंने इस बात पर भी गर्व जताया कि नई दिल्ली में आयोजित पहले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं 35 हजार से ज्यादा लोगों के साथ योग कर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया था, जिससे योग के प्रति दुनिया भर में जागरूकता और बढ़ी।
राजस्थान को भी योग के क्षेत्र में एक खास पहचान मिली
राजस्थान को भी योग के क्षेत्र में एक खास पहचान मिली है। इस पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2018 में कोटा में 1 लाख 5 हजार से ज्यादा लोगों ने एक साथ योग कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था। यह प्रदेश के लिए गर्व का क्षण था। उन्होंने कहा कि साल 2025 में योग संगम पोर्टल पर 85 लाख से ज्यादा प्रतिभागियों के पंजीकरण के साथ राजस्थान पूरे देश में पहले स्थान पर रहा, जो योग के प्रति प्रदेश की जनता की गहरी आस्था और उत्साह को दिखाता है।
आबूराज में 41 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया
इसी दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आबूराज में 74 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 41 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। इन विकास योजनाओं से क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा। धन्यवाद सभा और संत समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विरासत भी, विकास भी’ के मूलमंत्र के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है, जो हमारी परंपराओं और प्रगति दोनों को साथ लेकर चलने का प्रतीक है। मुख्यमंत्री कार्यालय की सोशल मीडिया पोस्ट में भी बताया गया कि सिरोही के आबूराज में ये महत्वपूर्ण विकास कार्य पूरे किए गए हैं।






