राजस्थान की राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी कर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ हो रहा है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने 20 सितंबर को चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि आयोग विपक्षी दलों की आवाज दबाने में जुटा है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं और इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
पायलट का आरोप: आयोग ने विपक्ष की आवाज दबाई
सचिन पायलट ने निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और विपक्षी नेताओं की शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने “वोट चोरी” के ठोस सबूत पेश किए हैं, लेकिन आयोग ने इस पर न कोई प्रतिक्रिया दी और न ही कोई जांच शुरू की। पायलट का कहना है कि यह रवैया लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह स्थिति जारी रही तो जनता का भरोसा चुनाव प्रक्रिया से उठ सकता है।
मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप
पायलट ने मतदाता सूची में सुनियोजित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि करोड़ों वैध वोट हटाए जा रहे हैं या गलत तरीके से चिह्नित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने की कोशिश है। पायलट ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। यदि आयोग इस पर ध्यान नहीं देता, तो जनता का विश्वास टूटेगा और चुनाव की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
कांग्रेस का देशव्यापी अभियान
सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस ने मतदाता सूची में हो रही गड़बड़ियों को सामने लाने के लिए पूरे देश में अभियान शुरू किया है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नागरिक अपने वोटिंग अधिकार से वंचित न रह जाए। कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार जनता को जागरूक कर रहे हैं और आयोग को ठोस सबूत भी सौंपे जा रहे हैं। पायलट ने जोर दिया कि पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए किसी भी स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है।
विदेश नीति पर भी साधा निशाना
चुनाव आयोग के मुद्दे पर हमला करने के साथ ही पायलट ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब और पाकिस्तान जैसे देशों के साथ भारत की कूटनीति कमजोर साबित हुई है। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति की टैरिफ घोषणाओं के समय राहत उपायों में देरी ने आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाया है। पायलट ने कहा कि अगर सरकार इस दिशा में सुधार नहीं करती, तो भारत के वैश्विक संबंध और अर्थव्यवस्था दोनों प्रभावित होंगे।





