Kite Festival 2026 : 14 जनवरी की राजस्थान में दिखेगा लोक संस्कृति, पतंगबाज़ी और आतिशबाज़ी का अनूठा संगम

दिनभर के सांस्कृतिक और पारंपरिक उत्सव के बाद शाम 6:30 बजे से आयोजन का दूसरा चरण प्रारंभ होगा। इस दौरान लालटेन उड़ाने का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, इसे लालटेन उत्सव का का नाम दिया गया है।
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Kite Festival

राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सशक्त करने वाला काइट फेस्टिवल 2026 (Kite Festival 2026) इस वर्ष भी अपने भव्य और आकर्षक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी शामिल होंगे। पर्यटन  विभाग द्वारा आयोजित पतंग उत्सव में  राजस्थान की लोक संस्कृति, पतंगबाज़ी और आतिशबाज़ी का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ ने बताया कि पतंग उत्सव का आयोजन  दो दशकों से भी अधिक समय से निरंतर आयोजित हो रहा यह उत्सव आज केवल एक पारंपरिक आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि यह राजस्थान के इवेंट-बेस्ड टूरिज़्म का प्रमुख और विश्वसनीय ब्रांड बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शायेगा जिसके तहत राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर, लोक परंपराओं और पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

राजधानी जयपुर में होगा भव्य आयोजन 

विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार 14 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले इस उत्सव का एक दिवसीय कार्यक्रम सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक जलमहल की पाल, आमेर रोड, जयपुर पर आयोजित किया जाएगा। ऐतिहासिक जलमहल, शांत झील और खुले आसमान के बीच रंग-बिरंगी पतंगों की उड़ान पर्यटकों और शहरवासियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रचेगी।

लोक कलाकारों देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

कार्यक्रम के अंतर्गत लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पतंगों की प्रदर्शनी, पतंग निर्माण का लाइव प्रदर्शन तथा फैंसी पतंग उड़ाने का विशेष डेमोंस्ट्रेशन आयोजित किया जाएगा। पर्यटकों के आकर्षण के लिए पारंपरिक व्यंजनों का निःशुल्क वितरण, विदेशी सैलानियों के लिए निःशुल्क पतंगें तथा निःशुल्क ऊँटगाड़ी सवारी जैसी विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

लालटेन उत्सव होगा आकर्षण का केंद्र 

शेखावत ने बताया कि दिनभर के सांस्कृतिक और पारंपरिक उत्सव के बाद शाम 6:30 बजे से आयोजन का दूसरा चरण प्रारंभ होगा। इस दौरान लालटेन उड़ाने का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, इसे लालटेन उत्सव का का नाम दिया गया है। इसके बाद हवामहल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में भव्य आतिशबाज़ी की जाएगी। गुलाबी शहर के आसमान में रोशनी और रंगों से सजी यह आतिशबाज़ी काइट फेस्टिवल का प्रमुख आकर्षण होगी, जो उत्सव को यादगार समापन प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि काइट फेस्टिवल 2026 एक बार फिर यह संदेश देता है कि राजस्थान केवल देखने की जगह नहीं, बल्कि दिन से रात तक जीने और महसूस करने वाला अनुभव है जहां दिन में आसमान पतंगों से संवाद करता है और रात में ऐतिहासिक धरोहरें रोशनी में नहाकर उत्सव की साक्षी बनती हैं।

आयोजन में दिखती है राजस्थान की जीवंत संस्कृति

गौरतलब है कि काइट फेस्टिवल वर्षों से शहरवासियों, देशी पर्यटकों और विदेशी सैलानियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक इस उत्सव के माध्यम से राजस्थान की जीवंत संस्कृति, लोक कला और आतिथ्य परंपरा का अनुभव करते हैं।यह आयोजन राजस्थान पर्यटन विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसे जिला प्रशासन जयपुर, जयपुर नगर निगम एवं पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग का सहयोग प्राप्त है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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