राजधानी जयपुर के रिहायशी क्षेत्रों में तेंदुए का मूवमेंट, लोगों में दहशत, वन विभाग कर रहा सर्चिंग

20 नवंबर को तेंदुआ पहले राजधानी जयपुर के सिविल लाइंस में लेन नंबर 6 में देखा गया, फिर भागते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बंगले के पास पहुंचा इसके बाद वह जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के आवास में भी दाखिल हो गया।
Leopard movement in Jaipur

रिहायशी क्षेत्रों में जंगली जानवरों की मूवमेंट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, राजधानी जयपुर में फिर एक बार  तेंदुए की मूवमेंट देखने को मिली है। शनिवार की शाम जयपुर की एजी कॉलोनी में तेंदुए का मूवमेंट होने की जानकारी लोगों में चर्चा का विषय बन गई, शाम 5:55 बजे सीसीटीवी फुटेज में तेंदुआ कैद हुआ, लोगों ने वन विभाग की टीम को इसकी सूचना दी और वीडियो वायरल कर दिया, सूचना एक बाद से वन विभाग की टीम तेंदुए की सर्चिंग में लगा है।

शनिवार को बजाज नगर के पास बनी एजी कॉलोनी में तेंदुए की मौजूदगी कोई पहली घटना नहीं है इसे पहले पिछले एक महीने में शहर में कई बार शहरी क्षेत्रों में तेंदुए की आने की घटनाएं हो चुकी हैं, तेंदुआ सिविल लाइंस, गुर्जर की घाटी, विद्याधर नगर, शास्त्री नगर, चांदपोल, मोती डूंगरी आदि इलाकों में देखे गए हैं।

वन विभाग ने चलाया सर्च ऑपरेशन

एजी कॉलोनी में तेंदुए के मूवमेंट की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग अलर्ट हुआ, रेंज ऑफिसर जितेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि शनिवार शाम का वीडियो हमें मिला है, रविवार को हमने सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन  अभी तक तेंदुआ नहीं मिला है हम लगातार मूवमेंट ट्रेस करने के लिए सर्च ऑपरेशन चलते रहेंगे।

लोगों ने पीटकर मार दिया था 

बात दें पहले भी की जगह तेंदुआ देखा जा चुका है, पिछले दिनों 14 नवंबर को गुर्जर घाटी में जब तेंदुआ दिखाई दिया तो लोगों ने उसे घेरकर पकड़ लिया था और पीटा था, जिसके दो दिन बाद तेंदुआ मार हुआ मिल था, 5 दिन बाद फिर 20 नवंबर को सुबह करीब 8 बजे जयपुर की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली सिविल लाइन्स कॉलोनी में तेंदुआ फिर दिखाई दिया  देखा गया था, इस क्षेत्र में राजभवन, मुख्यमंत्री निवास और कई मंत्रियों के आवास स्थित हैं।

अलग अलग इलाकों में देखा जा चुका है तेंदुआ 

20 नवंबर को तेंदुआ पहले राजधानी जयपुर के सिविल लाइंस में लेन नंबर 6 में देखा गया, फिर भागते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बंगले के पास पहुंचा इसके बाद वह जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के आवास में भी दाखिल हो गया। 25 नवंबर को विद्याधर नगर में तेंदुआ दिखाई दिया, इसके बाद 26 नवंबर को शास्त्री नगर में और 28 नवंबर को चांदपोल में तेंदुए का मूवमेंट दिखाई दिया ये पापड़ वाले हनुमान जी मंदिर के पीछे नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के जंगलों से आया था।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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