PM Modi ने किया कोटा-बूंदी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास, ओम बिरला को लेकर कही बड़ी बात

मोदी ने कहा ओम बिरला जितने शानदार सांसद हैं, उतने ही बेहतरीन लोकसभा अध्यक्ष भी हैं। वे संविधान को पूरी तरह समर्पित हैं। वे संसदीय प्रणालियों के प्रति पूरी तरह निष्ठा रखते हैं।
PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने (PM Modi) ने आज कोटा-बूंदी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया, कार्यक्रम में वे वर्चुअली शामिल हुए और आयोजन को संबोधित किया , पीएम ने कहा आज का दिन कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ सहित पूरे हड़ौती क्षेत्र के लिए एक नई आशा और नई उपलब्धि का दिन है। करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने जा रहा ये आधुनिक एयरपोर्ट आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाला है।

प्रधानमंत्री ने कहा मैं कोटा और पूरे हड़ौती क्षेत्र के लोगों को एयरपोर्ट के शिलान्यास के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अपनी बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा मुझे याद है कि नवंबर 2023 में जब मैं कोटा आया था, तब मैंने कोटा की जनता से एक वादा किया था। मैंने कहा था कि कोटा का एयरपोर्ट सिर्फ एक सपना बनकर नहीं रहेगा, बल्कि उसे साकार करके दिखाया जाएगा। आज मुझे प्रसन्नता है कि वो क्षण आ गया है, जब कोटा एयरपोर्ट के निर्माण का काम शुरू होने जा रहा है।

अब कोटा के लोगों को फ्लाइट पकड़ने दूसरे शहर नहीं जाना होगा  

मोदी ने कहा अब तक कोटा के लोगों को जयपुर या जोधपुर जाकर फ्लाइट पकड़नी पड़ती थी। इसमें काफी समय भी लगता था और असुविधा भी होती थी।अब ये स्थिति बदलने जा रही है। जब ये एयरपोर्ट शुरू होगा, तो कोटा समेत आसपास के पूरे इलाके में यात्रा भी आसान होगी और व्यापार भी तेजी से बढ़ेगा।

कोटा केवल शिक्षा का ही नहीं, बल्कि ऊर्जा का भी एक बड़ा केंद्र है। कोटा वह अनूठा क्षेत्र है, जहां न्यूक्लियर हो, कोयला आधारित हो, गैस और पानी हो, ऊर्जा के सभी स्रोतों से बिजली का उत्पादन होता है। कोटा और हाड़ौती की ये धरती उद्यम और आस्था का भी बड़ा केंद्र है। सदियों से देश दुनिया के श्रद्धालु यहां श्री मथुराधीश जी की पावन पीठ, केशवराय पाटन के तीर्थ, खड़े गणेश जी महाराज और गोदावरी बालाजी धाम के दर्शन के लिए आते रहते हैं।

दिल्ली, वड़ोदरा, मुंबई जैसे बड़े शहरों की दूरी महज कुछ घंटों की रह गई

पीएम ने कहा- कोटा आज कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कोटा के दोनों प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जो कोटा और बून्दी से होकर गुजर रहा है, पूरे क्षेत्र के विकास का नया द्वार खोल रहा है। अब दिल्ली, वड़ोदरा और मुंबई जैसे बड़े शहरों की दूरी महज कुछ घंटों की रह गई है।

बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी के कारण यहां नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। विशेष रूप से एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री  के लिए ये क्षेत्र एक बड़ा केंद्र बनेगा। रेल और सड़क के बाद हवाई कनेक्टिविटी के ये नया अध्याय कोटा के विकास को और गति देगा। कोटा एयरपोर्ट पूरे हाड़ौती क्षेत्र और आसपास के जिलों के लिए प्रगति के नए अवसर लेकर आएगा।

पीएम मोदी ने की ओम बिरला की तारीफ बताया बेहतरीन सांसद, शानदार स्पीकर 

पीएम मोदी ने ओम बिरला की तारीफ करते हुए कहा कि मैं इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए कोटा के सांसद श्रीमान ओम बिरला के लगातार प्रयासों की भी सराहना करना चाहता हूं। उनकी हमेशा यही कोशिश रही है कि कोटा के लोगों का जीवन बेहतर बने, उन्हें नए अवसर मिलें। कोटा के विकास के लिए वे लगातार सेवाभाव से काम कर रहे हैं।

मोदी ने कहा ओम बिरला जितने शानदार सांसद हैं, उतने ही बेहतरीन लोकसभा अध्यक्ष भी हैं। वे संविधान को पूरी तरह समर्पित हैं। वे संसदीय प्रणालियों के प्रति पूरी तरह निष्ठा रखते हैं। वे आज किसी पक्ष के सदस्य नहीं हैं, वे पक्ष-प्रतिपक्ष से पूरी तरह ऊपर हैं।

ओम बिरला ऐसे स्पीकर हैं जो सांसदों का सर्वाधिक सम्मान करने का स्वभाव रखते हैं। और कभी-कभी कुछ बड़े घरानों के अहंकारी, उत्पाती छात्र आ भी जाते हैं, तो भी वो सदन के मुखिया की तरह सबको संभालते हैं। किसी को भी अपमानित नहीं करते, सबके कड़वे बोल भी वो झेल लेते हैं।

1507 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण 

परियोजना के मुताबिक कोटा-बूंदी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का निर्माण 1507 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के तहत 1000 यात्रियों की क्षमता होगी। इसमें 20,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाला टर्मिनल बनाया जाएगा, यहाँ 3200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे तैयार होगा। इसके अलावा ए-321 श्रेणी के विमानों की पार्किंग के लिए 7 एप्रन बे भी बनाए जाएंगे।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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