ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई और अन्य निर्दोष नागरिकों पर हुए हमले के विरोध में राजस्थान के अजमेर में आवाज बुलंद की गई है। शहर के तारागढ़ क्षेत्र में अहले सादात संगठन के नेतृत्व में लोगों ने एक शोक सभा (मजलिस) और जुलूस निकालकर इस घटना को अमानवीय करार दिया और कड़ा विरोध दर्ज कराया।
संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ईरान के सर्वोच्च नेता, उनके परिजनों और स्कूल के छात्र-छात्राओं को निशाना बनाकर किया गया हमला अत्यंत निंदनीय है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि किसी भी निर्दोष नागरिक पर हमला करना मानवता के खिलाफ एक गंभीर अपराध है और इसकी पुरजोर भर्त्सना होनी चाहिए।
शांति और सद्भाव के लिए की गई प्रार्थना
इस विरोध प्रदर्शन के क्रम में तारागढ़ स्थित अजा खाना-ए-आले अबू तालिब में एक विशेष मजलिस का आयोजन किया गया। यहां हमले में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और विश्व में शांति व सद्भाव कायम करने के लिए प्रार्थना की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।
मजलिस के समापन के बाद एक जुलूस निकाला गया। यह जुलूस इमाम बारगाह से शुरू होकर दरगाह हजरत मीरा साहिब तक पहुंचा, जहां दिवंगत आत्माओं की याद में श्रद्धांजलि दी गई।
भाईचारे का संदेश मजबूत करने की अपील
यह पूरा कार्यक्रम ‘पंचायत खुद्दाम सैय्यद ज़ादगान दरगाह हज़रत मीरा साहेब, तारागढ़ अजमेर’ की ओर से आयोजित किया गया था। आयोजकों ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे शांति, भाईचारे और मानवता के संदेश को और अधिक मजबूत करें ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।






