
राजस्थान के जयपुर में एआई तकनीक और ड्रोन कैमरे से कृत्रिम बारिश कराने का प्रयास नाकाम हो गया। इस पर कृषि विभाग के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को सिविल एवियेशन डिपार्टमेंट की मंजूरी के बिना शुरू किया गया था। पहले दिन ड्रोन बेहद कम ऊंचाई पर उड़ाया गया, जिससे बारिश कराने का प्रयास सफल नहीं हो सका।
बिना मंजूरी ड्रोन उड़ाने पर उठे सवाल
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के मुताबिक, सिविल एवियेशन डिपार्टमेंट से 3 से 4 किलोमीटर ऊंचाई तक ड्रोन उड़ाने की अनुमति मांगी गई थी। बादलों की ऊंचाई तक ड्रोन पहुंचने पर ही कृत्रिम बारिश संभव थी। मंत्री ने कहा कि वह खुद विभाग में पैरवी करेंगे और कोशिश करेंगे कि 15 दिन के अंदर अनुमति मिल जाए। हालांकि, उन्होंने इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया कि पहले दिन इतनी बड़ी भीड़ क्यों जुटाई गई थी और 12 अगस्त को कृत्रिम बारिश कराने का प्रचार क्यों किया गया।
ड्रोन विफलता का कारण और भीड़ का असर
किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि मंगलवार को छोटा ड्रोन इसलिए उड़ान नहीं भर सका, क्योंकि मौके पर भीड़ बहुत ज्यादा थी। भीड़ की वजह से नेटवर्क और सिग्नल प्रभावित हुए और ड्रोन उड़ान नहीं भर सका। मंत्री यह स्पष्ट नहीं कर सके कि इतनी भीड़ जुटाने का उद्देश्य क्या था, जबकि उसी वजह से ड्रोन काम नहीं कर सका। उन्होंने जयपुर के कृषि भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी।
छात्र संघ चुनाव और मंत्रालय में कार्रवाई पर बयान
कैबिनेट मंत्री ने राजस्थान में छात्र संघ चुनाव न कराए जाने पर कहा कि इस विषय पर जवाब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ही दे सकते हैं। उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज को गलत बताया, लेकिन कहा कि कई बार कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ती है। मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर पलटवार भी किया और कहा कि उनके शासन में भी छात्र संघ चुनाव पर रोक लगी थी। मंत्री ने यह भी बताया कि उनके मंत्रालय में नए प्रयोगों और कार्यों में कोई भी गलती करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कृषि विभाग के नए प्रोजेक्ट्स और कार्रवाई का पूरा ब्यौरा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश किया।
