राजस्थान सरकार ने सीजीडी नीति 2025 को मंजूरी दी है, जिससे पीएनजी और सीएनजी के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। यह नीति रोजगार बढ़ाएगी, पर्यावरण को लाभ पहुंचाएगी और राज्य को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में मदद करेगी।
राजस्थान को 2030 तक 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की तैयारी
राजस्थान सरकार ने ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, चिकित्सा, पानी और सड़क जैसे क्षेत्रों में राज्य को अग्रणी बनाने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘राजस्थान सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नीति, 2025’ को मंजूरी दी गई है।
गैस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर राजस्थान का बड़ा कदम
इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) और सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) के नेटवर्क को तेजी से फैलाना है। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और सस्ती गैस की सुविधा मिलेगी। खास बात यह है कि राईजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 में गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों ने 8,740 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू साइन किए थे, जिनका क्रियान्वयन अब तेजी से हो सकेगा।
रोजगार में होगा इज़ाफ़ा, उद्योगों को मिलेगा बल
सीजीडी नीति से ना केवल पर्यावरण की सुरक्षा होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। गैस पाइपलाइन बिछाने, संचालन और आपूर्ति जैसे कार्यों में हजारों लोगों को नौकरी मिल सकेगी। इससे गैस आधारित उद्योगों का औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र भी मजबूत होगा।
पर्यावरण और स्वास्थ्य को मिलेगा लाभ
सीएनजी आधारित परिवहन को बढ़ावा देने से प्रदूषण कम होगा और नागरिकों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। यह नीति निरामय राजस्थान के लक्ष्य को पाने में भी सहायक बनेगी। प्राकृतिक गैस का बढ़ता उपयोग राज्य के पर्यावरणीय लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद करेगा।
महिलाओं के जीवन में बदलाव लाएगी यह नीति
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जो परिवर्तन महिलाओं के जीवन में आया, उसी दिशा में यह नई नीति भी आगे बढ़ेगी। इससे रसोई में गैस की आसान उपलब्धता होगी, जिससे महिलाओं को धुएं से निजात मिलेगी और उनका स्वास्थ्य सुधरेगा।





