देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर को लेकर बनी चिंता के बीच राजस्थान सरकार ने स्थिति पर अपना रुख साफ किया है। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने जयपुर में एक बयान जारी कर कहा कि घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है और लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा समस्या केवल कमर्शियल सिलेंडरों तक ही सीमित है, जिसका असर घरेलू रसोई पर नहीं पड़ रहा है। मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण यह हालात बने हैं, जिससे मुख्य रूप से व्यावसायिक उपयोग वाले सिलेंडर प्रभावित हुए हैं।
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रेस्टोरेंट संचालकों को वैकल्पिक व्यवस्था की सलाह
कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत को देखते हुए मंत्री सुमित गोदारा ने विशेष रूप से रेस्टोरेंट संचालकों और अन्य व्यापारियों को सलाह दी है। उन्होंने कहा कि व्यापारिक दृष्टिकोण से किसी एक ही संसाधन पर पूरी तरह निर्भर रहना सही नहीं है।
“कारोबारियों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार करना चाहिए। इंडक्शन चूल्हा, डीजल चूल्हा या अन्य विकल्प अपनाए जा सकते हैं ताकि उनका काम प्रभावित न हो।” — सुमित गोदारा, कैबिनेट मंत्री
सरकार का मानना है कि इस तरह के कदम उठाने से न केवल मौजूदा संकट से निपटने में मदद मिलेगी, बल्कि भविष्य के लिए भी एक स्थायी समाधान तैयार होगा।
जमाखोरी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
मंत्री ने जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंकाओं को खारिज करते हुए कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “राज्य में जमाखोरी या कालाबाजारी की कोई जानकारी नहीं है। यदि कोई भी व्यक्ति ऐसा करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं, ताकि आपूर्ति श्रृंखला पर लगातार नजर रखी जा सके। मंत्री के अनुसार, सरकार पूरी तरह से सतर्क है और उम्मीद है कि अगले 15 दिनों के भीतर कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत समाप्त हो जाएगी।
उन्होंने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को भी निराधार बताया और कहा कि बेवजह लोगों में डर फैलाने की कोशिश की जा रही है, जबकि राज्य में स्थिति नियंत्रण में है और घरेलू आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।