
राजस्थान कांग्रेस ने प्रदेशभर में ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान की शुरुआत कर दी है। यह अभियान 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक चलेगा। इसका मकसद आम जनता तक पार्टी का संदेश पहुँचाना और लोगों से हस्ताक्षर जुटाना है। तीन दिनों तक जिला स्तरीय बैठकों में विधायक, सांसद, प्रत्याशी और पदाधिकारी शामिल हुए। अब ब्लॉक और मंडल स्तर पर भी अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा खुद इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और हर जिले की प्रगति का फीडबैक ले रहे हैं।
जिला स्तरीय बैठकों में सक्रिय भागीदारी
अभियान की शुरुआत 15 सितंबर से जिला स्तरीय बैठकों के साथ हुई, जिसमें प्रदेश के सभी विधायक, सांसद, प्रत्याशी और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। गोविंद सिंह डोटासरा ने हर बैठक का फीडबैक प्रतिदिन लिया। उन्होंने उन नेताओं और पदाधिकारियों की पहचान करने का निर्देश दिया, जो पार्टी कार्यक्रमों में भाग नहीं ले रहे। डोटासरा का मानना है कि निष्क्रिय पदाधिकारी पार्टी के अभियान को कमजोर कर सकते हैं। इस अभियान के तहत 10 लाख से अधिक नए पदाधिकारी तैयार किए गए हैं, जो अब ब्लॉक और मंडल स्तर पर जनता से संपर्क करेंगे।
पूर्व नेताओं को भी फटकार
अभियान के दौरान संगठन सृजन और बीएलओ नियुक्तियों की बैठकों में कई पूर्व मंत्रियों और विधायकों को फटकार पड़ी। गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जिन नेताओं ने बीते तीन दिनों में अभियान से दूरी बनाई, उनकी रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी। डोटासरा की नजर संगठन को मजबूत बनाने और निष्क्रिय नेताओं को चिन्हित करने पर है। उनका कहना है कि पार्टी की मजबूती के लिए हर स्तर पर सक्रियता जरूरी है और अभियान को सफल बनाने के लिए यह कदम अनिवार्य था।
ब्लॉक और मंडल स्तर पर विस्तार
अब यह अभियान ब्लॉक, मंडल और बूथ स्तर तक पहुंचेगा। डोटासरा ने कहा कि जिला स्तर की बैठकों के बाद यह अभियान आम जनता तक सीधे पहुंचेगा। हर जिले से लगातार फीडबैक मिल रहा है। अभियान के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों से हस्ताक्षर जुटाएंगे और पार्टी का संदेश पहुंचाएंगे। डोटासरा ने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में पदाधिकारी बैठकों में भाग नहीं ले रहे, वहां से भी रिपोर्ट जुटाई जा रही है ताकि हर स्तर पर अभियान प्रभावी ढंग से चले।
आमजन तक संदेश और पार्टी मजबूती
डोटासरा का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ चुनावी तैयारियां नहीं बल्कि पार्टी संगठन को मजबूत करना भी है। ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान के जरिए गरीब, युवा और महिलाओं तक पार्टी का संदेश पहुंचेगा। अभियान के जरिए कांग्रेस ने प्रदेशभर में 10 लाख से अधिक नए पदाधिकारी तैयार किए हैं। उनका भरोसा है कि सभी स्तरों पर सक्रियता और जनता तक पहुंच सुनिश्चित कर इस अभियान को सफल बनाया जाएगा। अभियान के तहत लगातार फीडबैक और मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि कोई भी कमी न रह सके।
