कोटा में निर्माणाधीन इमारत गिरने से बड़ा हादसा, कई लोग मलबे में दबे, बचाव कार्य जारी

राजस्थान के कोटा शहर में शनिवार देर शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जहां जवाहर नगर इलाके में एक निर्माणाधीन दो मंजिला इमारत ढह गई। इमारत में एक रेस्टोरेंट चल रहा था, जिसके चलते कई ग्राहक और कर्मचारी मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गए हैं।
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राजस्थान का कोटा शहर शनिवार शाम एक बड़े हादसे से दहल गया। जवाहर नगर थाना क्षेत्र के इंदिरा विहार में एक दो मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया। घटना के वक्त इमारत में एक रेस्टोरेंट संचालित हो रहा था, जिसमें कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।

यह हादसा रात करीब 8:45 बजे हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस, राहत दल और एंबुलेंस की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मलबे से दो बच्चों को गंभीर घायल अवस्था में निकालकर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।

निर्माणाधीन इमारत में चल रहा था रेस्टोरेंट

बताया जा रहा है कि जो इमारत गिरी है, उसका निर्माण कार्य अभी चल ही रहा था। दो मंजिल का काम लगभग पूरा हो चुका था और आगे का निर्माण जारी था। इसके बावजूद, इसी इमारत में एक रेस्टोरेंट चलाया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई ग्राहक मौजूद थे और करीब 10-12 कर्मचारी भी अपनी ड्यूटी पर थे। इमारत के ढहते ही ये सभी लोग मलबे में फंस गए।

हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया और करीब 5-6 घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

बचाव कार्य में देरी को लेकर लोगों में आक्रोश

स्थानीय निवासियों ने बचाव कार्य में देरी को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उनका आरोप है कि रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए जरूरी क्रेन लगभग डेढ़ घंटे की देरी से मौके पर पहुंची, जिसके कारण फंसे हुए लोगों को निकालने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई। इस देरी को लेकर लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिला। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।

इलाके की घेराबंदी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को घेर लिया है और आम लोगों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया गया है। फायर ब्रिगेड और राहत दल की टीमें मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटी हैं। खबर लिखे जाने तक बचाव अभियान लगातार जारी था। हालांकि, मलबे में अभी कुल कितने लोग फंसे हो सकते हैं, इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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