वसुंधरा राजे का ‘मेरा ही चला गया’ बयान चर्चा में आया, बारां-झालावाड़ में सियासी हलचल हुई तेज

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के एक बयान ने राजस्थान की राजनीति में हलचल मचा दी है। दरअसल बारां-झालावाड़ में सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद यात्रा के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, "जब मेरा ही चला गया और मैं नहीं बचा सकी।"
वसुंधरा राजे का ‘मेरा ही चला गया’ बयान चर्चा में आया, बारां-झालावाड़ में सियासी हलचल हुई तेज

राजस्थान की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल बारां-झालावाड़ क्षेत्र में सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद यात्रा के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, “लोग मुझसे कहते हैं कि मेरा काम नहीं हुआ, करवाओ… लेकिन भैया, मैं अब नहीं लड़ सकती। वहीं जब मेरा ही चला गया और मैं नहीं बचा सकी।” उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

दरअसल यह बयान उस समय आया जब बारां-झालावाड़ में सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद यात्रा का चौथा चरण शुरू हुआ। 9 अप्रैल को बालाजी धाम में पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद वसुंधरा राजे ने पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद थे।

सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ भी किया

वहीं कार्यक्रम में विकास कार्यों और जनता से संवाद पर जोर दिया गया। दरअसल सांसद दुष्यंत सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इसके साथ ही क्षेत्र में करीब 126 करोड़ रुपये की लागत से 10 नई सिंचाई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इन योजनाओं से क्षेत्र के किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

हालांकि कार्यक्रम में कई घोषणाएं और गतिविधियां हुईं, लेकिन वसुंधरा राजे का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उनके “मेरा ही चला गया” वाले कथन को कई लोग उनके राजनीतिक प्रभाव और पार्टी के अंदर उनकी मौजूदा स्थिति से जोड़कर देख रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान पार्टी के भीतर चल रही परिस्थितियों की ओर संकेत करता है।

कार्यकर्ताओं को पर्याप्त सम्मान न मिलने का मुद्दा उठाया

वसुंधरा राजे इससे पहले भी कई बार सार्वजनिक मंचों से कार्यकर्ताओं के काम न होने और उन्हें सम्मान न मिलने की बात उठा चुकी हैं। हाल ही में उन्होंने पार्टी मुख्यालय में भी कार्यकर्ताओं को पर्याप्त सम्मान न मिलने का मुद्दा उठाया था। ऐसे में उनका यह नया बयान भी पार्टी के अंदरूनी हालात को लेकर चर्चा बढ़ा रहा है।

अपने संबोधन में वसुंधरा राजे ने झालावाड़ के लोगों के साथ अपने पुराने संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनका और क्षेत्र के मतदाताओं का रिश्ता परिवार जैसा है और पिछले 35 वर्षों में झालावाड़ के विकास के लिए लगातार काम किया गया है। कार्यक्रम के दौरान विधायक गोविंद रानीपुरिया और उनके समर्थकों ने वसुंधरा राजे और सांसद दुष्यंत सिंह का 51 किलो का हार पहनाकर स्वागत किया। यह आयोजन पूरी तरह चुनावी माहौल में हुआ, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद यात्रा का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को जानना और उनसे सीधे संवाद करना बताया जा रहा है। पार्टी को उम्मीद है कि इस यात्रा से जनता के साथ संपर्क और मजबूत होगा।

हालांकि इस यात्रा के बीच वसुंधरा राजे का बयान एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। इसे राजस्थान की राजनीति में पार्टी के अंदरूनी समीकरणों और आने वाले चुनावों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
Banshika Sharma

कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
Follow Us :GoogleNews