बेमौसम बारिश में फसल हो गई खराब तो घबराएं नहीं किसान, सरकार करेगी नुकसान की भरपाई, करना होगा ये काम

बेमौसम वर्षा से प्रभावित किसानों के लिए बीमित फसल के नुकसान की सूचना 72 घण्टे के भीतर जिले में कार्यरत बीमा कम्पनी को देना जरूरी है, जिससे नुकसान का आकलन कर बीमा क्लेम देने की कार्यवाही की जा सके।
Crop damage unseasonal rain

Crop damage unseasonal rain

राजस्थान में बेमौसम हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, अधिकांश फसल कटाई के बाद खेतों में सूखने के लिए पड़ी है ऐसे में मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया, उन्हें अपने परिवार की चिंता सता रही है लेकिन जिन किसानों का नुकसान हुआ है उसकी भरपाई सरकार करेगी, सरकार ने उसके लिए निर्देश जारी किये हैं।

सरकार ने कहा है कि राज्य में वर्तमान में हो रही बेमौसम बरसात, ओलावृष्टि, चक्रवर्ती वर्षा एवं चक्रवात से कटाई के बाद 14 दिन तक की अवधि तक खेत में सुखाने के लिए रखी रबी की फसल खराब होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत नुकसान की भरपाई हो सकेगी, जिसके लिए प्रभावित बीमित फसल के काश्तकार को 72 घण्टे के भीतर खराबे की सूचना कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 14447 पर देनी होगी। कृषि विभाग नेें बीमा कम्पनियों को प्राप्त सभी इंटीमेशन का तत्काल सर्वे कर कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं।

72 घंटे में किसान को देनी होगी सूचना  

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत बेमौसम वर्षा के कारण फसल कटाई उपरान्त खेत में सुखाने के लिए रखी फसल को 14 दिन की अवधि में नुकसान होने पर व्यक्तिगत आधार पर बीमा कवर उपलब्ध है। बेमौसम वर्षा से प्रभावित किसानों के लिए बीमित फसल के नुकसान की सूचना 72 घण्टे के भीतर जिले में कार्यरत बीमा कम्पनी को देना जरूरी है, जिससे नुकसान का आकलन कर बीमा क्लेम देने की कार्यवाही की जा सके। फसल में हुए नुकसान की सूचना कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 14447 दी जा सकती है।

बीमा कम्पनियों को सर्वे के निर्देश 

किसान इसके अलावा प्रभावित किसान जिले में कार्यरत बीमा कम्पनी, नज़दीकी कृषि कार्यालय अथवा सम्बन्धित बैंक को भी हानि प्रपत्र भरकर सूचना दे सकते है। विभागीय अधिकारियों एवं बीमा कम्पनियों को तत्काल फील्ड में पहुंचकर फसल खराबे का सर्वे प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावित किसानों को बीमित फसलों के नुकसान का क्लेम दिलवाकर राहत प्रदान की जा सके।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews