राजगढ़ जिले के कुरावर क्षेत्र के ग्राम गिलाखेड़ी में एक अंतिम संस्कार के दौरान ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे गांव को दहला दिया। जहां एक तरफ लोग अपने परिजन को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे, वहीं अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया और माहौल चीख-पुकार से भर गया।
कुछ ही सेकंड में स्थिति इतनी भयावह हो गई कि लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालत यह हो गई कि मृतका की अर्थी तक को छोड़ना पड़ा और लोग खुद को बचाने में जुट गए।
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कैसे हुआ मधुमक्खियों का हमला
जानकारी के अनुसार 55 वर्षीय भंवर कुंवर के अंतिम संस्कार के लिए गांव के लोग श्मशान पहुंचे थे। गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर एक पीपल के पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा हुआ था।
बताया जा रहा है कि अर्थी के आगे चल रहे बैंड-बाजे के तेज शोर और कंडों के धुएं से मधुमक्खियां परेशान हो गईं। इसी वजह से छत्ता टूट गया और अचानक मधुमक्खियों का झुंड लोगों पर टूट पड़ा। कुछ ही पलों में यह हमला इतना तेज हो गया कि श्मशान स्थल पर मौजूद हर व्यक्ति खुद को बचाने के लिए भागने लगा।
100 से ज्यादा लोग भागे
इस अंतिम संस्कार में करीब 100 से अधिक लोग शामिल थे, लेकिन जैसे ही मधुमक्खियों ने हमला किया, सभी लोग जान बचाकर भागने लगे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि अर्थी को कंधा देने वाले सिर्फ चार लोग ही मौके पर रह गए। इन चारों पर मधुमक्खियों ने सबसे ज्यादा हमला किया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। इस दौरान कई अन्य लोग भी मधुमक्खियों के डंक से घायल हुए, जिनमें शिवराज राजपूत, रघुवीर सिंह, मोहन सिंह, जसवंत सिंह और कमला प्रसाद शर्मा जैसे नाम शामिल हैं।
लोगों ने ऐसे किया बचाव
हमले के दौरान लोगों ने अपने बचाव के लिए जो भी संभव था, वह किया। कई लोगों ने तौलिए और कपड़ों से खुद को ढक लिया, ताकि मधुमक्खियों के डंक से बच सकें। कुछ लोग जमीन पर लेट गए तो कुछ भागते हुए दूर निकल गए। हालांकि इस अफरा-तफरी में कई लोग घायल हो गए और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों को कुरावर और पीलूखेड़ी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
दो घंटे बाद सामान्य हुई स्थिति
मधुमक्खियों के हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। करीब दो घंटे तक कोई भी श्मशान के पास जाने की हिम्मत नहीं कर सका। जब स्थिति थोड़ी सामान्य हुई, तब जाकर दोबारा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान पूरे गांव में डर और चिंता का माहौल बना रहा।
गांव वालों की प्रशासन से मांग
इस घटना के बाद ग्रामीणों में डर बैठ गया है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे मधुमक्खियों के छत्तों को हटाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस दिशा में जल्द कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।