दो पक्षों में जमकर चले लाठी डंडे, मारपीट का वीडियो हुआ वायरल

दो पक्षों में जमकर चले लाठी डंडे, मारपीट का वीडियो हुआ वायरल

राजगढ़, डेस्क रिपोर्ट| मध्यप्रदेश (Madhyapradesh) के राजगढ़ (Rajgarh) में एक निजी स्कूल के समीप फलोदी कालोनी में एक युवक को कुछ बुरी तरह लाठी डंडो से बेरहमी के साथ पिटाई की गई है| जिस फलोदी कालोनी में ये विवाद हुआ है ,वही रहने वालों लोगो ने मारपीट का वीडियो बनाया और वायरल (Video Viral) कर दिया|

जानकारी के मुताबिक, राजगढ़ में दो पक्षो के बीच विवाद (Despute in Two Groups) के बाद जमकर मारपीट व लाठी डंडे चले । राजगढ़ की फलौदी कालोनी में एक निजी स्कूल के समीप दो गुटों में हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और लट्ठ भी चले। हालांकि पुलिस ने दोनों पक्षों के 8 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वही वीडियो के आधार पर ओर लोगो की तलाश की जा रही है ।

मारपीट में दोनों पक्षों के युवक घायल हुए जिनका इलाज जिला अस्पताल राजगढ़ में चल रहा है | मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की तरफ से क्रॉस केस पंजीबद्ध किया है । दोनों पक्षों के बीच हुई इस मारपीट को लेकर कॉलोनी के समीप के लोगों द्वारा वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया | मारपीट के इस मामले में राजगढ़ पुलिस ने सागर सिंह गुर्जर की रिपोर्ट पर महेंद्र सोंधिया राहुल सोंधिया, दिलीप सोंधिया, जसवंत सोंधिया पर धारा 307,341,324 के तहत मामला दर्ज किया है । वही दूसरे पक्ष के किशनलाल सोंधिया की रिपोर्ट पर कृष्णा गुर्जर ,शोभाराम गुर्जर,चेतराम गुर्जर,सर्व निवासी बाग गाँव के लोगो पर भी उक्त धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है ।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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