राजगढ़ में टिड्डी दल का हमला, ‘कोरोना’ भूल ‘बिन बुलाये मेहमान’ को भगाने में जुटे किसान

राजगढ़ में टिड्डी दल का हमला, ‘कोरोना’ भूल ‘बिन बुलाये मेहमान’ को भगाने में जुटे किसान

राजगढ़| राजस्थान से आये टिड्डी दल से कई जिलों के किसान परेशान है| टिड्डी दल का प्रवेश अब राजगढ़ जिले (Rajgarh District) में हुआ है| जहां किसान (Farmers) कोरोना भूलकर अब इन बिन बुलाए मेहमानों (टिड्डियों) को भगाने में लगे हुए है| इन्हें भगाने के लिये किसान खेत मे थाली बजा रहे है|

कोरोना के दौरान अब राजगढ़ में टिड्डी दल भी आ धमका है| बड़ी तादाद में ये राजगढ़ इलाके में पेड़ व फसलों पर चिपक गए हैं| जिले के जीरापुर इलाके में खेतों में टिड्डी नजर आ रहे हैं| किसान और प्रशासन कोरोना भूलकर अब इन बिन बुलाए मेहमानों को भगाने में लगा हुआ है| जीरापुर क्षेत्र में प्रशासन टीम भी रात को टार्च की रोशनी में खेत व पेड़ो पर टिड्डी दल को ढूंढती रही । जिसे जो सूझा उसने टिड्डियों को भगाने की कोशिश कर रहा है, किसान खेत मे थाली बजा रहे है। आवाज़ से ये टिड्डी भाग खड़े हुए| वही प्रशासन अब टिड्डियों से निपटने के लिए क्षेत्र के पेड़ों पर कीटनाशक का छिड़काव कर रहा है ।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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