राजगढ़ में उच्च शिक्षा मंत्री के कार्यक्रम में जमकर उड़ाई गई सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

राजगढ़ में उच्च शिक्षा मंत्री के कार्यक्रम में जमकर उड़ाई गई सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

राजगढ़।

देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए जहां एक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से 2 गज की दूरी बनाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील कर रहे हैं ।

वहीं मध्यप्रदेश के राजगढ़ में इन्हीं के मध्य प्रदेश के भाजपाई मंत्री नियमों की धज्जियां उड़ाते दिख रहे हैं। शनिवार को मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव राजगढ़ जिले के दौरे पर रहे, इस दौरान मंत्री जी के कार्यक्रम में जमकर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गई।

उच्च शिक्षा मंत्री के राजगढ़ दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा दिए गए 2 गज की दूरी के मंत्र का भी असर नहीं हुआ। मंत्री जी से मिलने की लालसा में कई भाजपा कार्यकर्ता सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते नजर आए । राजगढ़ के रेस्ट हाउस पर भाजपाइयों ने ढोल धमाके से स्वागत कर खुलकर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई।

रेस्ट हाउस के अंदर जिस जगह मंत्री जी ने पत्रकारों से चर्चा की वहां भी एक सोफे पर 4-4 भाजपा नेता मंत्री जी के साथ मौजूद नजर आएं। भाजपा के एक पूर्व मंत्री, राजगढ़ सांसद और पूर्व विधायक, मंत्री जी के साथ सोफे पर बैठे हुए हैं।

बता दें कि शनिवार को ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है और मंत्री जी ने भी 2 दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी। लेकिन इसके बावजूद उनके राजगढ़ जिले के दौरे पर लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तक नहीं किया। राजगढ़ जिले में कोरोना पॉजिटिव के मामले 221 से अधिक हो गए हैं, लेकिन इसके बावजूद मंत्री जी के दौरे पर भाजपाइयों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews