पिता का सपना पूरा करने दुल्‍हन को विदा करा हेलीकॉप्टर से घर ले गया दूल्हा, देखने उमड़ पड़ी भीड़

पिता का सपना पूरा करने दुल्‍हन को विदा करा हेलीकॉप्टर से घर ले गया दूल्हा, देखने उमड़ पड़ी भीड़

राजगढ़, डेस्क रिपोर्ट| हर पिता का सपना होता है कि उसका बेटा घोड़ी चढ़े, लेकिन इस पिता ने कुछ ऐसा सपना देखा कि उसका बेटा हेलिकॉप्टर से दुल्हन को लेकर आये । और हुआ भी कुछ ऐसा ही , जब मध्यप्रदेश के राजगढ़ (Rajgarh) जिले के छोटे से गाँव मे उस समय कौतुहल मच गया जब दुल्हन (Bride) को लेने गाँव मे दूल्हे (Groom) का हेलीकॉप्टर (helicopter) उतरा। हेलीकॉप्टर के लिए गाँव मे हेलीपैड बनाया गया|

ये नजारा था , मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के छोटे से गांव हराना का, जहां दूल्हा अपनी जीवन संगनी के साथ सात फेरे लेने के बाद किसी बग्गी या लग्जरी गाड़ियों का काफिले से नहीं बल्कि हेलीकाप्टर लेकर उड़ा। भांजी की हेलीकॉप्टर से विदाई के दौरान मामाजी पूनमचंद धाकड़ भी अपने आसूं नही रोक पाए। क्षेत्र में शायद यह पहली बारात है जो जहां दूल्हे दुल्हन की विदाई हेलीकॉप्टर से हुई। गांव में इस हाईटेक बारात को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। बारात विदा करने गई ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हेलीकॉप्टर और दूल्हे के साथ सेल्फी लेने के लिए आतुर दिखे। विदाई की रश्म पूरी होने के बाद आखिर में दूल्हा पृथ्वीराज सिंह धाकड़ अपनी जीवन संगनी वर्षा धाकड़ के साथ सात फेरे लेकर हेलीकॉप्टर से अपने गांव देवास जिले के महुंडी के लिए उड़ान भरी।

राजगढ़ जिले के छोटे से गाँव सेमलीधाकड गांव में रहने वाले किसान रामनारायण धाकड़ की पुत्री वर्षा का विवाह देवास निवासी पृथ्वी सिंह पिता दशरथ धाकड़ के साथ 11 दिसंबर को हुआ । दुल्हन के पिता रामनारायण धाकड़ गांव के 1 सामान्य किसान के रूप में रहते हैं और पुत्री वर्षा एक ग्रहणी है । लेकिन जिस जगह वर्षा का विवाह हो रहा है वहां लड़का पेट्रोल पंप का संचालक है और पिता भी ठेकेदारी करते हैं । पहले दूल्हा खुद भी हेलीकॉप्टर से ही बारात लेकर आ रहे थे । लेकिन प्रशासन द्वारा एक तरफ की ही अनुमति दी गई। ऐसे में उन्होंने बरात ना लेते हुए दुल्हन को अपने साथ हेलीकॉप्टर पर ले जाने की परमिशन ली।

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