नम आंखों से दी गई विधायक ऊंटवाल को अंतिम विदाई, शिवराज समेत कई दिग्गज हुए शामिल

नम आंखों से दी गई विधायक ऊंटवाल को अंतिम विदाई, शिवराज समेत कई दिग्गज हुए शामिल

रतलाम।सुशील खरे।
बीजेपी के दिग्गज नेता और आगर विधानसभा सीट से विधायक मनोहर ऊंटवाल का आज शुक्रवार को रतलाम के अलोट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया है।ऊंटवाल को बड़े बेटे मनोज ने मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। ऊंटवाल की अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान से होते हुए अनादिकल्पेश्वर मुक्तिधाम पहुंची। अंतिम यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव सहित कई विधायक, सांसद शामिल हुए। बता दे कि गुरुवार को दिल्ली के मेंदाता अस्पताल में ऊंटवाल का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।

इसके पहले सुबह अंतिम दर्शन के लिए तिरंगे पर लिपटा पार्थिव शरीर उनके निवास हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी ग्राउंड पर रखा गया, जहां अपने चहेते नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करने हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। उनके निधन की खबर लगते ही बीजेपी में शोक की लहर दौड़ गई है। विधायक मनोहर ऊंटवाल का रतलाम जिले से भी गहरा नाता रहा है, वे जिले के आलोट से भी विधानसभा सदस्य चुने गए थे।। पहली बार विधायक बनने के बाद वे बदनावर से पत्नी अनु ऊंटवाल के साथ आलोट आकर बस गए। इनके दो पुत्र मनोज, संतोष व एक बेटी पूजा है। तीनों की शादी और पढ़ाई उन्होंने आलोट रहते हुए ही पूरी करवाई। विधायक ऊंटवाल कार्यकर्ताओं को सबसे ज्यादा तवज्जो देते थे। बल्कि उनके किसी काम के लिए वे आधी रात में उठ जाते थे।

ऐसा रहा राजनैतिक सफर
1963 में धार जिले के बदनावर में जन्मे मनोहर ऊंटवाल चार बार विधायक और एक बार सांसद रहे ।वह 1988 से 2014 के बीच चार बार विधायक रहे। 1986 में पार्षद का चुनाव जीतकर उन्होंने अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में देवास संसदीय सीट से सांसद थे। 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें आगर-मालवा से टिकट दिया था। मनोहर ऊंटवाल भाजपा के कद्दावर नेता थे। शिवराज मंत्रिमंडल में मंत्री भी रहे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे और एक बेटी है ।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews