Ratlam News : SDM को कांग्रेस विधायक की सरेआम धमकी, अगर आप महिला नहीं होती तो कॉलर पकड़ कर ज्ञापन देता

Ratlam News : SDM को कांग्रेस विधायक की सरेआम धमकी, अगर आप महिला नहीं होती तो कॉलर पकड़ कर ज्ञापन देता

रतलाम, सुशील खरे| केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि बिलों के विरोध में कांग्रेस (Congress) प्रदेश भर में ट्रेक्टर रैली निकालकर प्रदर्शन कर रही है| ऐसी ही एक रैली रतलाम (Ratlam) जिले में सैलाना क्षेत्र के कांग्रेसी विधायक हर्ष विजय गहलोत (HARSHVIJAY GEHLOT) की अगुवाई में निकाली गई| लेकिन इस दौरान विधायक जी के बोल बिगड़ गए और ज्ञापन देते समय उन्होंने महिला एसडीएम को सरेआम धमकी दे डाली| जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है|

दरअसल, किसान कानून के विरोध में कांग्रेस द्वारा टैक्टर रैली निकाल कर एसडीएम को ज्ञापन देना था । एसडीएम कामिनी ठाकुर ज्ञापन लेने में लेट हुई तो कांग्रेस विधायक हर्ष विजय गहलोत भड़क गए| उन्होंने अपनी भड़ास महिला एसडीएम पर निकाली| विधायक ने कहा मेडम मैं एक चुना हुआ विधायक हु, आप हमें कुछ समझ ही नहीं रही हो| आप महिला हो, अगर आप महिला नहीं होती तो कॉलर पकड़कर ज्ञापन देकर जाता|

कृषि बिलों के विरोध में रविवार को ब्लॉक कांग्रेस द्वारा विधायक हर्ष विजय गहलोत की अगुवाई में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। ग्राम हरसौला से प्रभावी ट्रैक्टर रैली निकाली गई, जो नगर भ्रमण करती हुई बालक हायर सेकंडरी स्कूल प्रांगण पहुंची। विधायक के नेतृत्व में एसडीएम कामनी ठाकुर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर कृषि बिलों को समाप्त करने की मांग की गई।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews