रतलाम: त्योहारी सीजन को देखते हुए मध्यप्रदेश में खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट मोड पर है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार कार्रवाई कर मिलावटखोरों पर शिकंजा कसा जा रहा है और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। इसी बीच, रतलाम में करमदी स्थित नमकीन क्लस्टर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को मिलावट और अनियमितताओं की आशंका पर छापामार कार्रवाई की।
बता दें कि नमकीन क्लस्टर में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच मेंं लविश फूड्स पर बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट वाले पैकेट मिले है। इतना ही नहीं, बालाजी फूड्स प्रोडक्ट्स में गंदगी के बीच पॉम ऑयल में आलू चिप्स और अन्य फरियाली सामग्री तली जा रही थी। खाद्य विभाग ने खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिये भेज दिये हैं।
लविश फूड्स पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सबसे पहले लविश फूड्स पर कार्रवाई की। यहां पर निर्माण और बिना एक्सपायरी डेट वाले ‘जादूगर के नमकीन’ और ‘टू मच’ फ्राइम्स के पैकेट मिले। विभाग की जांच में सामने आया कि फर्म के संचालक पंकज मोतियानी अपनी फर्म के नाम से पैकिंग करने के बजाय अन्य ब्रांड के लेबल लगाकर बच्चों के खाने वाले फ्राइम्स बाजार सेल कर रहे थे।
पैकेटों पर निर्माता का नाम-पता और जरूरी जानकारी गायब
इतना ही नहीं, पैकिंग वाले पैकटों पर निर्माता का स्पष्ट नाम-पता और निर्माण संबंधी जरूरी जानकारी नहीं छपी थी। ‘गुजरात इंडिया’ के ब्रांड से पैकटों को बाजार में बेच जा रहा था। इस दौरान, खाद्य सुरक्षा विभाग ने ‘जादूगर’ नाम से मिले संदिग्ध उत्पादों को सीज कर दिया। वहीं, ‘टू मच फ्राइम्स’ और ‘जादूगर नमकीन’ नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिये भेज दिये हैं।
बालाजी फूड्स प्रोडक्ट्स में गंदगी के बीच बन रहा था नमकीन
बालाजी फूड्स प्रोडक्ट्स में जांच के दौरान गंदगी के बीच नमकीन तैयार किए जाने का मामला सामने आया। यहां पॉम ऑयल में आलू चिप्स और अन्य फरियाली खाद्य सामग्री तली जा रही थी। तेल को ड्रमों में असुरक्षित और गंदे तरीके से रखा गया था। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से पॉम ऑयल, नमकीन, गाठिया और फरियाली साबूदाना के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। वहीं, जांच के दौरान मौके पर ‘जैन श्री नमकीन’ के खाली रैपर भी मिले।
संचालक ने अधिकारियों को बताया कि अन्य फर्मों के लिए जॉब वर्क के तहत उनके लेबल लगाकर नमकीन के पैकेट तैयार किए जाते हैं। पैकेट पर निर्माता के रूप में उनकी फर्म और मार्केटिंग करने वाली कंपनी का पता दर्ज किया जाता है। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक मिले खाली रैपर भी खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थे।
बता दें कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने दोनों ही फर्म पर निरीक्षण कर संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लिये हैं। जिन्हें जांच के लिये प्रयोगशाला भेज जाएगा। एक तरफ जहां लविश फूड्स पर ब्रांड नाम, पैकिंग एवं पैकेटों पर जानकारी संबंधित अनियमितताएं मिली तो वहीं, बालाजी फूड्स में पॉम ऑयल असुरक्षित तरीके से रखा गया था और गंदगी के बीच फरियाली आलू चिप्स सहित अन्य खाद्य सामग्री तली जा रही थी। विभाग का कहना है कि नमूनों के जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।





