Astrology: सोते समय बेड पर इन चीजों को रखना बन सकता है आपकी बर्बादी का कारण, जाने क्यों

Astrology: सोते समय बेड पर इन चीजों को रखना बन सकता है आपकी बर्बादी का कारण, जाने क्यों

धर्म, डेस्क रिपोर्ट। Astrology:- ज्योतिशास्त्र के मुताबिक यदि चीजों को शुभ स्थान पर ना रखा जाए तो यह जीवन में कई संकट ला सकते हैं। बहुत लोग आलस या किसी कारणवश सोते समय अपने सिरहाने कई चीजों रख लेते हैं, बिना के प्रभाव को जाने। लेकिन क्या आपको पता है कुछ चीजों को सिरहाने रखना बहुत अशुभ माना जाता है, आपकी यह छोटी सी आपकी बर्बादी का कारण भी बन सकती है।

सोते समय सिरहाने दवाई रखना होता है बुरा

सोते समय सिरहाने दवाइयाँ रखना बहुत अशुभ माना जाता है, ऐसा करना वास्तु दोष का कारण बन सकता है। वास्तु के मुताबिक सोते दवाइयों को बेड पर रखने से बीमारियों को निमंत्रण मिलता है। आपकी यह लगती आपके जीवन में बीमारियाँ ला सकती है।

यह भी पढ़े… Realme का नया स्मार्टफोन हुआ लॉन्च, इसमें हैं कई आकर्षक फीचर्स, जाने स्मार्टफोन का लुक और डिजाइन

ना रखें सोना-चांदी या पैसे

पैसे को लक्ष्मी का रूप माना जाता है। माना जाता है की सिरहाने पैसे या पर्स को रखने से लक्ष्मी रुष्ट हो जाती है। तो वहीं सोने-चांदी को हिन्दू धर्म में पवित्र माना जाता है, जिसकी पूजा भी की जाती है। इसलिए सोते समय सिरहाने कभी भी पैसा, पर्स और सोना-चांदी ना रखे, वरना आपको धन हानी हो सकती है।

सिरहाने कभी रखे जूते-चप्पल

वास्तु शास्त्र के मुताबिक सोते समय अपने सिरहाने जूते और चप्पलों को रखना अशुभ होता है। माना जाता है इनसे नकारात्मक ऊर्जा निकलती है, जो आपके जीवन में परेशानियाँ ला सकती है।

किताब और स्टेशनरी

बहुत सारे लोगों को अपने बेड पर बुक और स्टेशनरी रखने की आदत होती, खासकर की छात्रों में। लेकिन ऐसा करना बहुत अशुभ माना जाता है, इससे आपके आस-पास नकारात्मक ऊर्जा का प्रसार होता है। साथ ही किताबों को देवी सरस्वती का रूप माना जाता है और उनका अपमान करना अपने करियर में रुकावट ला सकता है।

Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल शिक्षित करना है। हम इन सभी बातों का दावा नहीं करते है। कोई भी कदम उठाने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।    

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews