विनायक चतुर्थी पर करें ये उपाय, विघ्नहर्ता हर लेंगे सारी परेशानियां, तरक्की के खुलेंगे मार्ग

विनायक चतुर्थी उपाय

Vinayak Chaturthi 2024: हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि का विशेष महत्व है। चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है। हर महीने में दो बार चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। पहला शुक्ल पक्ष में और दूसरा कृष्ण पक्ष में। 13 फरवरी 2024 को माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि मनाई जा रही है। चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि जो भी व्यक्ति चतुर्थी तिथि के दिन भगवान गणेश का ध्यान करता है विधि-विधान से पूजा-अर्चना करता है साथ ही साथ व्रत रखता है उसे जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होती है, जीवन के तमाम संकट दूर हो जाते हैं और भगवान गणेश की कृपा हमेशा बनी रहती है। इसी के साथ आज हम आपको बताएंगे कि विनायक चतुर्थी के दिन क्या-क्या उपाय करने चाहिए, जिससे भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सभी दुखों को हर लेते हैं, तो चलिए जानते हैं।

किस तरह करें भगवान गणेश की पूजा

विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है। पूजा से पहले स्नान करें और साफ कपड़े पहने। इसके बाद पूजा स्थान को साफ करें। पूजा के लिए आपको गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर, सिंहासन, कलश, चावल, बताशा, गुड़, मोदक, फूल, दूर्वा, सुपारी, चमेली का तेल, रोली, अक्षत, धूप, बत्ती, अगरबत्ती और पान की सुपारी की आवश्यकता होगी। एक-एक कर सारी सामग्री भगवान गणेश को अर्पित करें इसके बाद आरती करें।

विनायक चतुर्थी पर क्या-क्या उपाय करें

दूर्वा चढ़ाए

विनायक चतुर्थी पर आप कुछ करें या ना करें लेकिन भगवान गणेश को दूर्वा अवश्य चढ़ाएं। दूर्वा भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय है।

शमी के पौधे की पूजा करें

हिंदू धर्म में शमी के पौधे का विशेष महत्व है। इस पौधे को पूजनीय माना जाता है। विनायक चतुर्थी के दिन घर में शमी का पौधा लगाना बहुत शुभ माना जाता है, साथ ही साथ शमी के पत्ते भगवान गणेश को अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान गणेश अत्यंत खुश होते हैं।

मोदक का भोग लगाएं

भगवान गणेश को मोदक अत्यंत प्रिय है। इसलिए भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए विनायक चतुर्थी के दिन पूजा के दौरान मोदक का भोग जरूर लगाना चाहिए। ऐसा करने से भगवान गणेश जल्द से जल्द प्रार्थना सुनते हैं।

मंत्र का करें जाप

गजाननं भूत गणादि सेवितं
कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्
उमासुतं शोक विनाशकारकम्
नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्

(Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं के आधार पर बताई गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।)

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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