Hindi News

गंगा दशहरा पर करें गंगाजल से जुड़े ये उपाय, राहु-केतु और शनि दोष से मिलेगी राहत

Written by:Diksha Bhanupriy
Published:
गंगा दशहरा का पर्व काफी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन कुछ खास उपायों के जरिए राहु केतु और शनि दोष से राहत हासिल की जा सकती है।
गंगा दशहरा पर करें गंगाजल से जुड़े ये उपाय, राहु-केतु और शनि दोष से मिलेगी राहत

हिंदू धर्म में गंगाजल को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। दरअसल, गंगा का जल सारे पापों को धोने वाला कहा जाता है। यही वजह है कि पूजा पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में इसका उपयोग किया जाता है। मां गंगा की आराधना के लिए गंगा दशहरा का पर्व भी मनाया जाता है।

हर साल गंगा दशहरा का पर्व धूमधाम के साथ धार्मिक रोटी रिवाजों के अनुरूप मनाया जाता है। इस दिन अगर गंगाजल के कुछ उपाय कर लिए जाएं तो व्यक्ति के जीवन में खुशहाली बनी रहती है। चलिए जान लेते हैं कि कैसे गंगाजल आपकी सारी समस्याओं को दूर कर सकता है।

शनि दोष से मिलेगी राहत

अगर आपको कुंडली में शनि की स्थिति भारी चल रही है और आर्थिक उन्नति नहीं हो पा रहे तो गंगा दशहरा के दिन सब जल्दी उठने के बाद एक लोटे में गंगाजल लें उसमें कच्चा दूध और काला तिल मिलाएं। अब आपको इसे पीपल के पेड़ की जड़ में अर्पित करना है। इससे शनि की साढ़ेसाती और ढैया दूर हो जाती है।

गंगा दशहरा के दिन सूर्यास्त के समय घर के प्रवेश द्वार के दोनों तरफ गंगाजल का छिड़काव करें। इससे आर्थिक बाधाएं दूर हो जाती है और घर में सुख समृद्धि आती है।

अपने घर के आस-पास मौजूद शनि मंदिर में गंगा दशहरा के दिन गंगाजल में सरसों के तेल की बूंदे मिलाकर शनि देव को अर्पित करें। इससे जीवन के कष्टों से राहत मिलती है।

कैसे शांत होंगे राहु केतु

कुंडली में अगर राहु केतु दोष है तो व्यक्ति अज्ञात भय, मानसिक तनाव और गृह क्लेश का सामान करता है। इन्हें शांत करने के लिए गंगा दशहरा पर तांबे और चांदी के लोटे में गंगाजल भरें और ॐ नमः शिवाय का जाप करें।

राहु केतु के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए पूरे घर में गंगाजल के छिड़काव करें। जिन कोनों में अंधेरा रहता है वहां पर गंगाजल जरूर छिड़के। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है।

अगर आप किसी कारण से गंगा नदी में स्नान के लिए नहीं जा पा रहे हैं तो सामान्य पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

  • इन उपायों का परिणाम जब प्राप्त होता है जब इन्हें सेवा भाव और नियमों के साथ किया जाता है।
  • धार्मिक कार्य करते समय मन में श्रद्धा का भाव रखना चाहिए। इस दौरान किसी के प्रति गुस्सा नहीं करना चाहिए और अपशब्दों का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए।
  • गंगा दशहरा पर किसी जरूरतमंद को छाता, काले तिल, हाथ का पंखा और मौसमी फल जरुर दान करें, इससे आपको शनिदेव की कृपा प्राप्त होगी।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
Follow Us :GoogleNews