मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में, प्रदेश को अत्याधुनिक तकनीक और नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में लगातार अग्रसर है। वहीं इसी कड़ी में प्रदेश में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित डिजिटल परिवर्तन की प्रक्रिया को और गति प्रदान करने तथा स्मार्ट गवर्नेंस के माध्यम से जनसेवाओं को और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 मई को भोपाल में गूगल के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। यह बैठक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से आयोजित की जा रही है, जिसका लक्ष्य मध्यप्रदेश में एआई आधारित डिजिटल परिवर्तन, स्मार्ट गवर्नेंस और तकनीक आधारित विकास को एक नई दिशा प्रदान करना है।
दरअसल इस महत्वपूर्ण बैठक में गूगल क्लाउड इंडिया के निदेशक (पब्लिक सेक्टर) आशीष वाट्टल और एपीएसी क्षेत्र के निदेशक (स्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट्स) मदन ओबेरॉय सहित गूगल क्लाउड के वैश्विक प्रतिनिधि सिंगापुर से उपस्थित रहेंगे। इनके साथ ही, हेल्थकेयर एआई एवं डिजिटल अवसंरचना विशेषज्ञ तथा राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारीगण भी इस संवाद में शामिल होंगे, जो प्रदेश के तकनीकी भविष्य के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा।
उन्नत क्लाउड तकनीकों और AI पर होगी चर्चा
वहीं बैठक के दौरान मध्यप्रदेश और गूगल के बीच एक दीर्घकालिक तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने पर गहन विचार-विमर्श होगा। इसमें उन्नत क्लाउड तकनीकों और एआई आधारित समाधानों के प्रभावी उपयोग के विभिन्न आयामों पर चर्चा की जाएगी, ताकि प्रदेश की प्रशासनिक और नागरिक सेवाओं को आधुनिक तकनीक से सशक्त किया जा सके। विशेष रूप से, डिजिटल गवर्नेंस को अधिक प्रभावी बनाने, जनसेवाओं को सरल एवं सुगम बनाने तथा तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस रणनीतियों पर विचार किया जाएगा। यह पहल प्रदेश के नागरिकों को बेहतर और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
सिंहस्थ-2028 को लेकर की जा रही तैयारी
दरअसल आगामी सिंहस्थ-2028 के तकनीक आधारित प्रबंधन को एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता के रूप में देखा जा रहा है। इस महाकुंभ के कुशल आयोजन के लिए स्मार्ट भीड़ प्रबंधन, एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग और डेटा आधारित निगरानी प्रणालियों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी बल्कि नागरिक सेवाओं का विकास और अधिक प्रभावी हो सकेगा।
किसानों को डिजिटल सेवाओं की बेहतर पहुंच हो सकेगी
स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई आधारित रोग पहचान प्रणालियों और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को लागू करने की संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा होगी, जिससे चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार लाया जा सके। कृषि के क्षेत्र में किसानों को डिजिटल सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए गूगल की तकनीकों का उपयोग कैसे किया जाए, इस पर भी विचार किया जाएगा, जिससे कृषि उत्पादकता में वृद्धि हो सके। शिक्षा क्षेत्र में एआई आधारित शिक्षण विधियों और कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए भी रणनीतियाँ बनाई जाएंगी, ताकि प्रदेश के युवा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें और रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
इसके अतिरिक्त, बैठक में एआई स्किलिंग कार्यक्रमों को बढ़ावा देने, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्नत तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा होगी। यह उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक मध्यप्रदेश और गूगल के मध्य एक दूरदर्शी तकनीकी साझेदारी को नई दिशा देने तथा प्रदेश को नवाचार और अत्याधुनिक तकनीक आधारित विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की पंक्ति में स्थापित करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी।






