Hindi News

भोपाल में आज मोहन कैबिनेट की अहम बैठक, नई तबादला नीति 2026 को मिल सकती है मंजूरी

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
प्रस्तावित नीति में ऑनलाइन आवेदन, सीमित तबादला अधिकार, स्वैच्छिक और प्रशासनिक तबादलों के अलग नियम तथा एक माह के लिए तबादला प्रतिबंध हटाने जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं। साथ ही जिला, संभाग और राज्य स्तर पर तबादलों की सीमा तय करने, स्कूल शिक्षा विभाग के लिए अलग व्यवस्था बनाने और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी करने पर भी जोर दिया जा सकता है।
भोपाल में आज मोहन कैबिनेट की अहम बैठक, नई तबादला नीति 2026 को मिल सकती है मंजूरी

CM Mohan Yadav

राजधानी भोपाल में आज मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। इस बैठक में प्रदेश की नई तबादला नीति 2026 को मंजूरी मिलने की संभावना जा रही है। सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच इसs लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार लंबे समय से लंबित तबादला प्रक्रिया को शुरू करने की तैयारी में है और नई नीति के तहत विभागवार स्थानांतरण की रूपरेखा तय की जा सकती है। रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि मंत्रियों और प्रभारी मंत्रियों को सीमित अधिकार दिए जा सकते हैं, जबकि स्वैच्छिक और प्रशासनिक तबादलों के लिए अलग-अलग प्रावधान बनाए जाने की संभावना है।

कैबिनेट बैठक में नई तबादला नीति को मिल सकती है मंजूरी

सामान्य प्रशासन विभाग ने नई तबादला नीति का ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिया है। बैठक में तबादलों की अधिकतम सीमा (लिमिट), न्यूनतम सेवा अवधि, स्वैच्छिक एवं प्रशासनिक तबादलों के नियम, विभिन्न स्तरों (जिला, संभाग और राज्य) पर प्रतिशत सीमा और प्रभारी मंत्रियों को सीमित तबादला शक्तियां देने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है। कैबिनेट बैठक में तबादला नीति के अलावा महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, उद्यानिकी तथा विकास योजनाओं से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

नई नीति में हो सकते हैं ये प्रावधान

बताया जा रहा है कि नई नीति के लागू होने के बाद तय समयसीमा के भीतर कर्मचारियों को ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी जा सकती है। पिछली तबादला नीति की तरह इस बार भी पदों की संख्या के आधार पर स्थानांतरण का प्रतिशत तय किए जाने की चर्चा है। इस नीति के तहत एक माह के लिए तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटाया जा सकता है। स्कूल शिक्षा विभाग को सामान्य नीति से अलग रखकर अलग दिशानिर्देश जारी किए जा सकते हैं, खासकर जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों के तबादले पर विशेष प्रावधान रह सकते हैं। स्वैच्छिक तबादलों को प्रशासनिक तबादलों से अलग रखने, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को और मजबूत बनाने तथा जनप्रतिनिधियों की सिफारिशों पर कुछ नियंत्रण लगाने जैसे नए पैरामीटर भी शामिल किए जा सकते हैं। बता दें कि पिछली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अगली बैठक में पूरा प्रस्ताव लाया जाए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
Follow Us :GoogleNews