Guru Pushya Yog: 25 मई को बन रहा है ये दुर्लभ योग, खरीदें ये 4 चीजें, बरसेगी माँ लक्ष्मी की कृपा, करें ये उपाय

Guru Pushya Yog: 25 मई को बन रहा है ये दुर्लभ योग, खरीदें ये 4 चीजें, बरसेगी माँ लक्ष्मी की कृपा, करें ये उपाय

Guru Pushya Yog: इस वर्ष 25 मई को गुरु पुष्य योग का निर्माण होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र पड़ता है, तब इस दुर्लभ योग का निर्माण होता है। इसे गुरु पुष्य नक्षत्र योग के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन कुछ चीजों की खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है। साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है।

अन्य शुभ योग का भी होगा निर्माण

25 मई को सूर्योदय के साथ ही गुरु पुष्य योग का निर्माण हो रहा है। जिसका समापन शाम 5:54 बजे हो जाएग। इस दिन सवार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग का भी निर्माण हो रहा है, जो बेहद ही शुब और फलदायी  होगा।

इन चीजों को खरीदना शुभ

गुरु पुष्य नक्षत्र योग बनने पर कुछ चीजों को खरीद कर अपने घर लाना बेहद शुभ माना जाता है ऐसा करने से धन और समृद्धि में वृद्धि होती है और माता लक्ष्मी मेहरबान होती है।

  • इस दिन आप अपने घर चांदी का सिक्का खरीद कर ला सकते हैं। ऐसा करने से सफलता मिलती है। साथ ही तरक्की होती है।
  • गुरु पुष्य योग के दिन सोने की खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यताएं है कि इस दिन सोने के आभूषण खरीदने से धन और संपत्ति में वृद्घि होती है। साथ ही भाग्योदय होता है।
  • इस दिन पीले रंग की वस्तुओं को खरीदना शुभ माना जाता है। साथ ही आप चने की दाल खरीदकर और इससे भोग बना कर भगवान विष्णु को अर्पित कर सकते हैं। इसके अलावा हल्द,  पीले रंग के वस्त्र, पीतल, घी इत्यादि की खरीदारी कर सकते हैं।
  • पुष्प नक्षत्र योग पर धार्मिक पुस्तकों का विशेष महत्व होता। इस धार्मिक पुस्तकों की खरीदारी करने से देव गुरु बृहस्पति मेहरबान होते हैं।

जरूर करें ये काम

  • इस दिन सूर्योदय और सूर्यास्त के समय माता लक्ष्मी के सामने दीप प्रज्वलित जरूर करें।
  • पूजा के दौरान माता लक्ष्मी को कमल के फूल अर्पित करें।
  • इस दिन श्रीसूक्त का पाठ करना करने से माता लक्ष्मी को प्रसन्न होती हैं।
(Disclaimer: इस लेख का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है, जो मान्यताओं और शास्त्रों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता।)
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews