बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए कौन से फूल हैं सर्वश्रेष्ठ? कौनसे फूल ना चढ़ाएं? जानें मंगलवार-शनिवार की सही पूजन विधि

भगवान हनुमान की पूजा में फूलों का विशेष महत्व है। मान्यता है कि मंगलवार और शनिवार को लाल रंग के विशेष फूल अर्पित करने और सही विधि से पूजा करने पर संकटों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए कौन से फूल हैं सर्वश्रेष्ठ? कौनसे फूल ना चढ़ाएं? जानें मंगलवार-शनिवार की सही पूजन विधि

नई दिल्ली: देशभर में करोड़ों भक्तों की आस्था के केंद्र हनुमान जी की पूजा विशेष विधि-विधान से की जाती है। उन्हें संकटमोचन और चिरंजीवी माना जाता है। मान्यता है कि मंगलवार और शनिवार के दिन की गई पूजा से बजरंगबली शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सभी कष्ट दूर करते हैं। इस पूजा में सही सामग्री, विशेषकर फूलों का चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ विशेष फूल हनुमान जी को अर्पित करने से उनकी कृपा शीघ्र प्राप्त होती है, जबकि कुछ फूलों का प्रयोग वर्जित माना गया है। आइए जानते हैं कि हनुमान जी की पूजा में कौन से फूल चढ़ाने चाहिए और पूजन की सही विधि क्या है।

हनुमान जी को क्यों प्रिय हैं लाल फूल?

शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जी को लाल रंग अत्यंत प्रिय है। यह रंग शक्ति, ऊर्जा और वीरता का प्रतीक है, जो भगवान हनुमान के स्वरूप और गुणों को दर्शाता है। इसलिए, उनकी पूजा में लाल फूलों को अर्पित करना सबसे शुभ और फलदायी माना जाता है।

पूजा में ये लाल फूल करें अर्पित:

  • लाल गुलाब: यह प्रेम, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है।
  • गुड़हल (Hibiscus): लाल गुड़हल को एक शक्तिशाली फूल माना जाता है, जिसे चढ़ाने से विशेष कृपा मिलती है।
  • लाल कनेर: यह फूल सुंदरता और पवित्र भक्ति को दर्शाता है।
  • लाल चमेली: हनुमान जी को चमेली का तेल विशेष रूप से प्रिय है और लाल चमेली का फूल भी उन्हें अर्पित किया जा सकता है।

अन्य शुभ फूल और वर्जित वस्तुएं

लाल फूलों के अलावा कुछ अन्य सुगंधित फूल भी बजरंगबली को चढ़ाए जा सकते हैं। इनमें केवड़ा, पलाश, और हरसिंगार (शेफाली) प्रमुख हैं। इनकी दिव्य सुगंध वातावरण को शुद्ध करती है और पूजा के लिए एक सात्विक माहौल बनाती है।

हालांकि, यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि हनुमान जी की पूजा में तुलसी के पत्ते भूलकर भी न चढ़ाएं। तुलसी भगवान विष्णु को अर्पित की जाती हैं। इसके अलावा, बिना सुगंध वाले या नारियल के फूल चढ़ाना भी उचित नहीं माना जाता है।

मंगलवार-शनिवार के लिए पूजन की संपूर्ण विधि

हनुमान जी की कृपा पाने के लिए मंगलवार या शनिवार को बताई गई विधि से पूजा करना लाभकारी होता है।

पूजन सामग्री: लाल फूल, चमेली का तेल, सिंदूर, नारियल, धूप-दीप, लाल वस्त्र और हनुमान चालीसा की पुस्तक।

पूजन के चरण:

  1. प्रातःकाल स्नान के बाद स्वच्छ, विशेषकर लाल या नारंगी रंग के वस्त्र पहनें।
  2. पूजा स्थल पर हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और उन्हें गंगाजल से स्नान कराएं।
  3. इसके बाद सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर हनुमान जी को लेप लगाएं। मान्यता है कि उनके चरणों में इसे लगाना अत्यंत शुभ होता है।
  4. अब ताजे लाल फूलों की माला या खुले फूल अर्पित करें। फूल चढ़ाते समय “ॐ हं हनुमते नमः पुष्पं समर्पयामि” मंत्र का जाप कर सकते हैं।
  5. इसके बाद हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, या सुंदरकांड का श्रद्धापूर्वक पाठ करें।
  6. पूजा में प्रसाद के रूप में गुड़-चना, लड्डू, या मीठा पान अर्पित करें।
  7. अंत में धूप और दीप से हनुमान जी की आरती करें और सभी को प्रसाद वितरित करें।

माना जाता है कि इस विधि से नियमित पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

(Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपनी आस्था और विश्वास पर विचार करें। हम इस संदर्भ में किसी भी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।)

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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