रत्न शास्त्र में इन 2 रत्नों को माना गया है खतरनाक, धारण करते समय जरूर बरतें सावधानी

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Ratna Shastra: हर व्यक्ति की कुंडली में जो नवग्रह विराजित होते हैं वह पूरी तरह से उसके जीवन पर प्रभाव डालने का काम करते हैं। ग्रहों की स्थिति अगर अनुकूल रहती है तो सब कुछ ठीक रहता है। वहीं अगर यह प्रतिकूल हो जाए तो व्यक्ति को जीवन में कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए रत्न शास्त्र में कुछ रत्नों का उल्लेख दिया गया है। जिन्हें धारण करने के बाद व्यक्ति के जीवन से ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव धीरे-धीरे समाप्त होने लगता है।

हम में से सभी ने ग्रहों के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए धारण किए जाने वाले रत्नों के बारे में सुना है। लेकिन इनके अलावा कुछ रत्न ऐसे भी हैं जिन्हें ज्योतिष में खतरनाक बताया गया है और अगर इन्हें नियम के मुताबिक धारण न किया जाए तो यह नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। रत्न वैसे भी व्यक्ति के जीवन में किसी दवाई की तरह काम करते हैं। जिस तरह से दवाई का नियम के मुताबिक सेवन न किया जाए तो वह नुकसान पहुंचाती है ठीक उसी तरह से रत्नों को भी अगर नियम मुताबिक धारण न किया जाए तो यह नुकसानदायक हो सकते हैं।

कितने रत्नों का उल्लेख

रत्न शास्त्र में 9 रत्न और 84 उपरत्न का उल्लेख है और इन सभी का संबंध किसी न किसी ग्रह से बताया जाता है। आज हम आपको उन दो रत्नों के बारे में जानकारी देते हैं जिन्हें धारण करते समय व्यक्ति को बहुत सी चीजों का ध्यान रखना जरूरी होता है। अगर इन्हें नियम के मुताबिक धारण न किया जाए तो यह आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं।

ये रत्न है खतरनाक

हीरा और नीलम यह दो ऐसे रत्न हैं जिन्हें ज्योतिष में बहुत खतरनाक माना गया है। हीरे का संबंध शुक्र ग्रह से होता है और नीलम शनि ग्रह से संबंधित है। यह दोनों ही व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव डालने का काम करते हैं। यही वजह है कि बिना ज्योतिष की सलाह लिए केवल अपने मन से या फिर फैशन के लिए इन रत्नों को धारण बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए वरना जीवन में उथल-पुथल मच सकती है।

ध्यान रखें ये बातें

  • अगर आप इन दोनों में से कोई भी रत्न धारण करना चाहते हैं, तो आपको से पहले ज्योतिष की सलाह अवश्य ले लेनी चाहिए कि यह आपके लिए शुभ साबित होंगे भी या नहीं।
  • जब हम रत्न धारण करते हैं तो उसे बार-बार उतारना नहीं चाहिए, इस बात का ध्यान रखें।
  • जो लोग नीलम रत्न धारण करते हैं उन्हें शनिवार के दिन तामसिक भोजन और नशीले पदार्थों का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए।
  • जो लोग नीलम धारण करने के बाद गलत कामों में जुटे रहते हैं उन पर शनिदेव क्रोधित हो जाते हैं।
  • हीरा धारण करने से पहले कुंडली में शुक्र की स्थिति को जान लेना बहुत जरूरी है।
  • अगर हीरा पहना है तो कभी भी उसके साथ मूंगा और माणिक धारण नहीं किया जाता।
  • कभी भी टूटा फूटा या चटका हुआ हीरा धारण न करें यह शुभ नहीं होता है।
  • रत्न धारण करते समय दिन पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। अमावस्या, संक्रांति या फिर ग्रहण के दिन इसे बिल्कुल भी धारण न करें।

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। यहां यह बताना जरूरी है कि MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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