Jyeshtha Purnima: 3 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा, बन रहे हैं कई दुर्लभ संयोग, करें ये 5 उपाय, बरसेगी माँ लक्ष्मी की कृपा, होगी धनवर्षा

Jyeshtha Purnima: 3 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा, बन रहे हैं कई दुर्लभ संयोग, करें ये 5 उपाय, बरसेगी माँ लक्ष्मी की कृपा, होगी धनवर्षा

Jyeshtha Purnima: सनातन धर्म में सभी पूर्णिमा तिथियों का बेहद ही खास महत्व होता है, जिससे में एक ज्येष्ठ पूर्णिमा है। इस साल जस्ट पूर्णिमा का व्रत 3 जून शनिवार के दिन रखा जाएगा। इस दिन वट सावित्री पूर्णिमा भी मनाया जाएगा, जो सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा पर कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। हालांकि भद्रा का साया चिंता बढ़ा सकता है।

बन रहे हैं ये शुभ योग

विशाखा और अनुराधा नक्षत्र के साथ-साथ तीन शुभ संयोग बन रहे हैं। जिसमें रवि योग, सिद्ध योग और शिवयोग शामिल हैं। 3 जून सुबह 11:16 बजे पूर्णिमा तिथि कब प्रारंभ होगा। वहीं इसका समापन 4 जून रविवार सुबह 9:11 बजे पर हो जाएगा। 3 जून को शाम 6:39 बजे चंद्रोदय होगा।

करें ये पाँच उपाय

ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन कुछ उपायों को करना बेहद शुभ माना जाता है। धन और समृद्धि में वृद्धि होती और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

  • ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन स्नान कर कुछ चीजों को दान करना बेहद शुभ माना जाता है। आप ब्राह्मण को चावल, दही, चांदी, शक्कर, सफेद वस्त्र, सफेद फूल और मोती आदि दान कर सकते हैं। ऐसा करने से कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
  • 900 ग्राम चने की दाल को सत्यनारायण भगवान के चरणों में स्पर्श करवाएं और बाद में इस दाल को ब्राह्मण को दान कर दें। ऐसा करने से अन्न-धन का भंडार सदैव भरा रहता है।
  • सफलता पाने के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण को चंदन की खुशबू अर्पित करें। साथ ही उन्हें पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं। ऐसा करने से सभी कार्यों में सफलता मिलती है। साथ ही तरक्की होती है।
  • पूजा के दौरान माता लक्ष्मी की प्रतिमा पर 11 कौड़ियाँ चढ़ाएं और फिर हल्दी से इनका तिलक करें। अगले दिन इन कौड़ियों को किसी स्वच्छ लाल रंग कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दें। ऐसा करने से धन लाभ होता है और आर्थिक समस्याएं दूर होती है।
  • इस दिन स्नान करने के बाद कुछ तुलसी की पत्तियों को अच्छे से धोकर साफ कपड़े से पोंछ लें। फिर एक कटोरी में थोड़ी सी हल्दी लेकर पानी की मदद से एक घोल तैयार करें। अब उस तुलसी के पत्तों पर हल्दी से “श्री” लिखकर भगवान को अर्पित करें। ऐसा करने से कारोबार में लाभ होता है और आय में वृद्धि होती है।
    (Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता।)
Manisha Kumari Pandey
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