आज यानी शनिवार को गजकेसरी योग में पौष माह की पूर्णिमा का स्नान है। पूर्णिमा के दिन से प्रयागराज में माघ माह का स्नान शुरू हो जाता है। इस तिथि में केवल स्नान का नहीं बल्कि दान का भी विशेष महत्व माना गया है। प्रयागराज में संगम स्नान को वैसे भी विशेष कहा गया है। बड़ी संख्या में लोग इस स्नान के पुण्य का लाभ लेने पहुंच रहे हैं।
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन प्रयागराज में सारे तीर्थों का वास होता है। आज से शुरू हुए स्नान का ये क्रम 15 फरवरी महाशिवरात्रि पर पूरा होगा। पौष की पूर्णिमा तिथि शुक्रवार शाम 6:54 पर शुरू हुई है और शनिवार 5:35 पर समाप्त होगी। चलिए आपको चंद्रोदय समय और अन्य स्नान की तिथियां बताते हैं।
पौष पूर्णिमा पर चंद्रोदय का समय
पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा के पूर्ण दर्शन होंगे। आज सूर्योदय 6:56 पर और चंद्रोदय शाम 5:18 मिनट पर होगा। मिथुन राशि में गुरु और चंद्रमा की युति बन रही है, जिसके चलते गजकेसरी योग बन रहा है।
स्नान दान का मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त को स्नान दान का सबसे उत्तम मुहूर्त माना जाता है। यह सुबह 5:08 से 6:02 तक होगा। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:50 से 12: 32 तक रहेगा। इस तिथि में पवित्र नदियों में स्नान, सूर्य देव को अर्घ्य और दान धर्म करने का विशेष महत्व है। जो व्यक्ति भगवान विष्णु की पूजन कर दान धर्म करता है उसके जीवन की बाधाएं खत्म हो जाती है।
स्नान की तिथियां
माघ माह का ये स्नान पर्व 15 फरवरी तक चलने वाला है। 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 23 जनवरी को वसंत पंचमी, 1 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का स्नान होगा।
करें इन चीजों का दान
स्नान के साथ दान करने का भी विशेष महत्व माना गया है। दान करने से राहु-केतु और शनि जैसे ग्रह दोष शांत हो जाते हैं। आप गर्म कपड़े, कंबल, तिल, चारपाई, रजाई गद्दा जैसी चीजों का दान कर सकते हैं। इससे पितरों को तृप्ति मिलती है। वहीं व्यक्ति को सुख समृद्धि और धन धान्य की प्राप्ति होती है।
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