काले तिल से चमकाएं अपनी किस्मत, माघ महीने में अपनाएं ये 4 उपाय

माघ मास को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत शुभ माना गया है. इस महीने में किए गए छोटे-छोटे उपाय व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाते हैं. खासतौर पर काले तिल से जुड़े उपाय इस समय बेहद प्रभावी माने जाते हैं.
Magha Month Upay

Magha Month Upay: माघ माह में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व रहता है. ऐसा माना जाता है कि तिल की उत्पत्ति भगवान विष्णु से हुई थी, इसलिए तिल को मोक्ष देने वाला माना गया है. यही कारण है कि माघ महीने में तिल का विशेष महत्व है और अगर इस पावन महीने में हम भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए तिल का दान करते हैं या इससे जुड़े कुछ उपाय करते हैं तो यह बहुत ही शुभ माने जाते हैं.

इसी के चलते बिना देर करते हुए आज हम जानेंगे की माघ माह में भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए, जीवन में सुख-शांति और संपत्ति पाने के लिए तिल से जुड़े कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं, तो चलिए जानते हैं.

षट्तिला एकादशी के दिन करें दान

माघ मास की षट्तिला एकादशी का दिन तिल का दान करने का विशेष दिन माना गया है. ऐसा माना जाता है कि जो भी भक्त इस दिन काले तिल का दान करता है, उसे मृत्यु के बाद बैकुंठ लोक में स्थान मिलता है.

ऐसा भी बोला जाता है कि जितने तिल के दाने दान किए जाते हैं, भक्त उतने वर्षों तक बैकुंठ में सुखपूर्वक निवास करते हैं.

मौनी अमावस्या के दिन खास महत्त्व

माघी अमावस्या जिसे मौनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है इस दिन का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने के बाद पितरों के तर्पण की परंपरा निभाई जाती है.

तर्पण के दौरान कुश के साथ काले तिल का उपयोग भी शुभ माना गया है. काले तिल को मोक्षदायक और पितरों को प्रसन्न करने वाला कहा गया है. ऐसा करने से पितर संतुष्ट होते हैं और परिवार को सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद देते हैं.

शनि दोष से छुटकारा पाने के लिए

अगर किसी की कुंडली में शनि दोष है या फिर साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव है तो ऐसे में शनिवार के दिन काली तिल का दान करना बहुत ज़्यादा ही फ़ायदेमंद माना जाता है.

इसका शुभ प्रभाव माघ महीने में ज़्यादा होता है. शनिवार के दिन काले तिल का दान करने से शनि और सूर्य दोनों की स्थिति संतुलित रहती है.

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
Follow Us :GoogleNews