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कब से होगी नौतपा की शुरुआत, सूर्य करेंगे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश, जानें इन 9 दिनों के नियम

Written by:Diksha Bhanupriy
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नौतपा ज्येष्ठ माह में पड़ने वाला एक ऐसा समय होता है जब नौ दिनों तक भीषण गर्मी देखने को मिलती है। इस दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं। चलिए जान लेते हैं कि इस दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।
कब से होगी नौतपा की शुरुआत, सूर्य करेंगे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश, जानें इन 9 दिनों के नियम

ज्येष्ठ महीने में सूर्य देव का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश नौतपा के नाम से पहचाना जाता है। इसके नाम से ही स्पष्ट होता है कि 9 दिन तपा देने वाली गर्मी। इन दिनों में वाकई भीषण गर्मी और लू का प्रकोप देखने को मिलता है। मौसम के हिसाब से ये परेशान करने वाला समय होता है लेकिन सूर्य देव की उपासना के लिए काफी महत्वपूर्ण माना गया है।

सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के दौरान ही यह शुरू होता है। ऐसे में अगर विधि विधान से सूर्य की उपासना की जाए तो शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। इस दौरान मांगलिक कार्य तो नहीं किए जाते लेकिन पूजा पाठ की जा सकती है। चल जान लेते हैं कि यह कब से शुरू हो रहा है और इस दौरान आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

कब शुरू हो रहा है नौतपा

साल 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू हो रहा है और 2 जून तक चलने वाला है। इस दौरान नया 10 दिनों तक भीषण गर्मी होती है जो मानसून के लिए अच्छी मानी जाती है। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में जब सूर्य आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तब से लेकर आने वाले 10 नक्षत्र तक तेज गर्मी होती है और बारिश अच्छी पड़ती है।

क्या कर सकते हैं

धार्मिक दृष्टि से देखें तो यह सूर्य देव को प्रसन्न करने और कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत करने का सबसे उत्तम समय होता है। इस दौरान सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद सूर्य को अर्घ्य देकर सूर्य देव के मंत्रों का जाप करना चाहिए। इसे हमेशा सकारात्मक ऊर्जा जीवन में बनी रहती है। जो व्यक्ति इस दौरान प्याऊ लगवाता है। शरबत बटवाता है या फिर सत्तू, छाता, घड़े, हाथ का पंखा, सूती कपड़े, और मौसमी फल का दान करता है, उसे विशेष फलों की प्राप्ति होती है।

इन नियमों का रखें ध्यान

  • नौतपा के दौरान मांगलिक कार्य जैसे शादी, गृह प्रवेश आदि नहीं किए जाते। इससे सुख शांति में परेशानी उत्पन्न होती है।
  • इस दौरान जितना हो सके व्यक्ति को उतना हल्का भोजन करना चाहिए।
  • अगर शुभ परिणाम प्राप्त करना चाहते हैं तो पशु पक्षियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करें।
  • घर के बाहर कोई जरूरतमंद आपसे अन्न या पानी मांगता है तो उसकी मदद करें, इसे खाली हाथ ना भेजें।
  • इस अवधि में पितरों के निमित्त तर्पण और जल दान भी अच्छा माना गया है।

Disclaimer: यहां देखें जानकारी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर बताई गई। MP Breaking News इनके सत्य और सटीक होने का दावा नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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