हाथ मिलाने वाला हर व्यक्ति नहीं हो सकता दोस्त, जानें क्या कहती है Chanakya Niti

हाथ मिलाने वाला हर व्यक्ति नहीं हो सकता दोस्त, जानें क्या कहती है Chanakya Niti

Chanakya Niti : चाणक्य भारतीय राजनीतिज्ञ, शास्त्रज्ञ और धर्मशास्त्री थे। चाणक्य को चंद्रगुप्त और कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है। चाणक्य को चाणक्य नीति और अर्थशास्त्र के लेखक के रूप में भी जाना जाता है, जिन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी। वे मौर्य साम्राज्य के सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के सलाहकार भी थे। बता दें कि चाणक्य का समय 4वीं या 3वीं सदी ईसा पूर्व के लगभग माना जाता है। उन्होंने भारतीय इतिहास में अपने उपदेशों और नीतियों के माध्यम से समाज को स्थापित किया। उनकी नीतियों में राजनीति, युद्ध, धर्म, आर्थिक व्यवस्था और समाज के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया।

दरअसल, चाणक्य नीति में जीवन में रिश्तों को लेकर कही बातों पर चर्चा की गई है। इसमें बताए गए हर पहलूओं को लोग अपने दैनिक जीवन में अपनाते हैं, जिससे उन्हें सफलता प्राप्त होती है। उनकी नीति को अपनाकर चलने वाले लोगों के घर से धन की देवी लक्ष्मी भी कभी नाराज नहीं होती। वहीं, चाणक्य नीति में दोस्ती को काफी मजबूत बताया गया है। जन्म लेते ही इंसान को कई रिश्ते मिलते हैं, जैसे- बेटा, भाई, भतीजा, आदि लेकिन दोस्त एक ऐसा रिश्ता होता है जो जन्म होते के साथ नहीं मिलता, बल्कि इसे इंसान खुद बनाता है। तो चलिए आज के आर्टिकल में हम आपको दोस्तों में भी असली दोस्त की पहचान करना बताएंगे। क्योंकि आपसे हाथ मिलाने वाला हर व्यक्ति आपका दोस्त नहीं हो सकता। इसीलिए चाणक्य नीति के अनुसार, दोस्ती सोच-समझकर करनी चाहिए।

बात ना करें शेयर

  • आचार्य चाणक का यह मानना था कि मित्रता करते समय कुछ सावधानी आवश्यक बरतनी चाहिए। जिसमें सबसे पहली चीज यह है कि आप किसी को अपनी कोई बात शेयर कर रहे हैं, तो बहुत ही सोच समझकर करें। क्योंकि आपका हर मित्र विश्वास पात्र नहीं हो सकता कुछ आपके भरोसे का फायदा भी उठाते हैं, जिससे आपको हानि हो सकती है।
  • स्वार्थी दोस्त कभी भी आपका भला नहीं चाह सकता और आज की दुनिया में लोग केवल आपसे मतलब के लिए दोस्ती रखते हैं। उनका काम खत्म हुआ और आपसे उनका मतलब भी खत्म हो जाता है।
  • ऐसे में अवश्य ही या रखने की कोशिश करें कि आपका दोस्त मौका परस्त या विश्वास घाती ना हो। अगर ऐसा आपको कोई भी संकेत नजर आए, तो बिल्कुल उससे दूरी बना लें।

मूर्ख दोस्त से बनाएं दूरी

  • आचार्य चाणक्य ने बताया है कि कभी भी मूर्ख दोस्त नहीं बनना चाहिए। यदि सामने वाला मित्र किसी बात में मूर्खता दिखता है, तो उससे आपको बड़ी हानि हो सकती है।
  • अक्सर वह आपको किसी दुविधा में कभी भी डाल सकता है, जिससे आपको बड़ी हानि हो सकती है। इसलिए हमेशा ऐसे इंसान को दोस्त बनाएं जो कि समझदार हो और हर चीजों की अच्छी से समझ रखता हो।

मतलबी दोस्त से रहें दूर

  • चाणक्य नीति के अनुसार किसी भी इंसान को मतलबी दोस्त से उतना ही संबंध स्थापित करना चाहिए, जितना जरूरी हो। वैसे लोगों से दूरी बनाना ही ज्यादा बेहतर माना जाता है।
  • यदि आप अपने दोस्त पर विश्वास करके पैसों का लेनदेन कर रहे हैं, तो सावधान हो जाए। वह आपके साथ धोखा भी कर सकता है क्योंकि वह अपने मतलब को सिद्ध करने के लिए कुछ भी कर सकता है और ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।

केवल सुख में साथ देने वालों से रहे दूर

  • अगर आपका मित्र आपके दुख में साथ नहीं दे सकता, तो उससे बेहतर है कि आप उससे दोस्ती खत्म कर लें।
  • क्योंकि मित्र की परिभाषा होती है चाहे सुख हो या दुख उसके हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने वाला ही मित्र होता है। ऐसे में यदि सामने वाला आपके सुख में तो बढ़-चलकर हिस्सा लेता है, लेकिन अगर वह दुख की घड़ी में आपका सपोर्ट नहीं कर पा रहा यानी वह आपका अच्छा नहीं चाहता, इसलिए फौरन उसे दूरी बना लें।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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