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भाईदूज पर होगी कर्मों के लेखपाल चित्रगुप्त की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

Written by:Diksha Bhanupriy
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भाई दूज के अवसर पर चित्रगुप्त की पूजन का विशेष महत्व माना गया है। आज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीय है और भाई दूज के साथ चित्रगुप्त और यमराज की पूजन अर्चन की जाएगी। चलिए हम आपको पूजन की विधि और मुहूर्त बताते हैं।
भाईदूज पर होगी कर्मों के लेखपाल चित्रगुप्त की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

Chitragupta Puja: हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों का खास महत्व माना गया है। हर त्यौहार का अपना कोई ना कोई महत्व है जिसकी वजह से उसे मनाया जाता है। आज भाई दूज का त्यौहार है और इसी के साथ चित्रगुप्त पूजा भी आज ही की जाएगी। दीपावली के दो दिन बाद भाई दूज के मौके पर चित्रगुप्त पूजा नियम धर्म के साथ की जाती है।

चित्रगुप्त पूजा 3 नवंबर 2024 को मनाई जा रही है। इस दिन यमराज और उनके सहायक और कर्मों का लेखा जोखा रखने वाले चित्रगुप्त की पूजन अर्चन की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि जो चित्रगुप्त और यमराज की पूजन करता है उसे सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। वह अपने करियर में तरक्की और बुद्धि में वृद्धि की प्राप्ति करता है। चलिए आज हम आपको इस पूजन का महत्व विधि और मुहूर्त बताते हैं।

चित्रगुप्त पूजन का महत्व (Chitragupta Puja)

चित्रगुप्त पूजा 3 नवंबर 2024 को मनाई जा रही है। पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 7:57 से लेकर दोपहर 12:04 तक रहने वाला है। दरअसल चित्रगुप्त देवताओं के लेखपाल के रूप में पहचाने जाते हैं और वही व्यक्ति के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं और इस समय में उनकी पूजन करना शुभ साबित होगा।

कलम और किताब की पूजा

चित्रगुप्त पूजा के मौके पर कलम और किताब की पूजन की जाती है। जो लोग व्यापार करते हैं, वह इस दिन वही खाता और दवात की पूजन करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि अगर इस दिन कलम और किताब की पूजन की जाती है तो हमें देवता की सहायता मिलती है। इस दिन जो कलम पूजी जाती है वह सिद्ध हो जाती है।

पूजन की विधि

  • सुबह जल्दी स्नान करके भगवान चित्रगुप्त की तस्वीर मूर्ति स्थापित करें।
  • पूजन शुरू करने से पहले आपको स्वच्छ कपड़े पहनने होंगे और पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठना होगा। इसके बाद आपको मूर्ति के सामने फल, फूल मिठाई और अगरबत्ती जलानी है।
  • पूजन करते समय अपने साथ एक डायरी और पैन जरूर रखें और उनकी भी पूजन करें।
  • एक कागज पर श्री गणेशाय नम: और ओम चित्रगुप्त नमः लिखें। इसके बाद आपको भगवान गणेश और चित्रगुप्त से ज्ञान और बुद्धि के लिए आशीर्वाद मांगना होगा। आप चाहे तो चित्रगुप्त मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।
  • पूजन पूरी होने के बाद भगवान को चढ़ाया गया प्रसाद आप घर के सदस्यों को बांट सकते हैं।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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