
Puja Path Niyam: लोग घरों में भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को स्थापित करते हैं। रोजाना इनकी पूजा-अराधना करते हैं। मान्यताएं हैं श्रद्धा भाव के साथ लड्डू गोपाल की पूजा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यदि आप घर में लड्डू गोपाल को विराजित करते हैं तो कुछ बातों का खास ख्याल रखना जरूरी होता है। विधि-विधान के साथ पूजा न करने से फल नहीं मिलता है।
ऐसे कराएं स्नान
लड्डू गोपाल को गंगाजल और शुद्ध जल से प्रतिदिन स्थान करवाना चाहिए। सबसे पहले पूजा स्थल की साफ-सफाई करें। लड्डू गोपाल का स्नान पंचामृत से करवाएं। आप दही, शहद, दूध गंगाजल और घी से पंचामृत बना सकते हैं।
पहनाएं ऐसे वस्त्र
लड्डू गोपाल के वस्त्र रोजाना बदलना चाहिए। उन्हें हर दिन अलग-अलग रंगों के वस्त्र पहनाने चाहिए। सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरा, गुरुवार को पीला, शुक्रवार को नारंगी, शनिवार को नीला और रविवार को लाल पोशाक पहनना शुभ माना जाता।
ऐसे करें शृंगार
लड्डू गोपाल को वस्त्र पहननाने के बाद चंदन का टीका लगाए। शृंगार में कानों की बाली, कलाई में कड़ा, हाथों में बांसुरी और मोर पंख जरूर शामिल करें।
भोग लगाने का नियम
लड्डू गोपाल को सुबह, दोपहर और शाम को भोग लगाना चाहिए। भोग लगाते समय तुलसी के पत्ते को शामिल जरूर करें। माखन और मिश्री माखन लड्डू गोपाल का पसंदीदा बुक होता है। इसके अलावा ऋतु फल, पंजीरी और मिठाइयों को भी भोग के रूप में अर्पित कर सकते हैं।
जरूर रखें इन बातों का ख्याल
जिस घर में लड्डू गोपाल विराजित होते हैं, वहां मांस और मंदिरा का सेवन करना उचित नहीं माना जाता है। निंदनीय आचरण और अनैतिक से भी बचना चाहिए। सुबह-शाम आरती करनी चाहिए। लड्डू गोपाल को सुलाने के बाद ही खुद सोएं और भोग लगाने के बाद ही भोजन करें।
(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो पंचांग, ग्रंथों, मान्यताओं और विभिन माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)

