रक्षाबंधन में दो दिन शेष, राखी बांधते समय थाली में रख लें ये 5 चीजें, होगा लाभ, भाई पर नहीं आएगी मुसीबत

रक्षाबंधन में दो दिन शेष, राखी बांधते समय थाली में रख लें ये 5 चीजें, होगा लाभ, भाई पर नहीं आएगी मुसीबत

Raksha Bandhan 2023 Upay: रक्षाबंधन, भाई-बहन का अटूट और पवन रिश्ता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को रक्षासूत्र बांधती है। यह पर्व हर्षोल्लासह के साथ भारत के विभिन स्थानों पर मनाया जाता। राखी बांधते वक्त कुछ चीजों का ख्याल रखना जरूर होता है। राखी की थाली अक्षत, फूल, कपूर रोली और मिठाई तो सभी रखते हैं। लेकिन कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनके बिना आरती की थाली अधूरी मानी जाती है। आइए एक नजर इन महत्वपूर्ण चीजों पर डाल लें-

सबसे पहले करें ये काम

ध्यान रखें की थाली पर स्वस्तिक बनी हो। यदि आप रसोई की थाली का इस्तेमाल करते हैं तो उसपर केले का पत्ता या साफ-सुथरा सूती का वस्त बिछा लें। उसके बाद ही अन्य चीजों को रखें।

रोली के साथ रखें कलश

राखी की थाली में अक्षत और रोली के एक छोटा सा कलश थाली में करें। आप चाहे तो तांबे के लोटे में जलभर भर भी रख सकते हैं। रोली लगाने के बाद जल चढ़ाना शुभ माना जाता है।

नारियल न भूलें

हिन्दू धर्म में नारियल के बिना पूजा पूरी नहीं होती। रक्षाबंधन के दिन थाली में एक नारियल जरूर रखें। ऐसा करने से भाई के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। भाई और बहनों दोनों पर देवताओं की कृपा बरसती है।

चंदन भी रखें

चंदन को बेहद ही शुभ माना जाता है। रोली के साथ चंदन को भी थाली में शामिल करें। भाई को चंदन का टीका लगाने से दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही उनके जीवन की परेशानियाँ कम होती है।

दीपक को रखें याद

ज्यादातर लोग राखी बांधते वक्त कपूर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन थाली में कपूर से साथ-साथ घी का दीपक भी जलाएं। ऐसा करने रिश्ते मजबूत होते हैं। परिवार में खुशहाली आती है।

कब है रक्षाबंधन ?

इस बार दो दिन पूर्णिमा तिथि पड़ रही है। 30 और 31 अगस्त को दो दिन रक्षाबंधन मनाया जाएगा। साथ में भद्रा का साया भी है। 30 अगस्त रात 8:57 से लेकर 31 अगस्त गुरुवार सुबह 7:46 बजे तक बांध सकते हैं। लेकिन उदायतिथि को देखते हुए 31 अगस्त को राखी बंधन शुभ होगा।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल समान्य जानकारी साझा करना है, जो मन्यताओं पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता। विशेषज्ञों की परामर्श जरूर लें)

Manisha Kumari Pandey
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