
Ravi Pradosh Vrat 2024: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। हर महीने दो प्रदोष व्रत पड़ते हैं। मई का पहला प्रदोष व्रत आज यानि 5 मई को है। इस दिन विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। जीवन के कष्ट दूर होते हैं। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:55 बजे से लेकर रात 9 बजे तक है।
शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें
इस दिन शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। चंदन , भस्म, भांग, बेलपत्र, दूध, गंगाजल इत्यादि चढ़ाना भी शुभ माना जाता है। इस दिन भूलकर भी भोलेनाथ को नारियल पानी, केतकी के फूल, शंख का जल, कुमकम, सिंदूर और तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाना चाहिए।
आजमाएं ये उपाय
- प्रदोष व्रत के दिन 27 बेलपत्रों पर केसर के घोल से “ॐ नमः शिवाय” मंत्र लिखें और शिवलिंग पर अर्पित करें। ऐसा करने से धन और वैभव की प्राप्ति होती है। आर्थिक तंगी दूर होती है। 11 बेलपत्र पर लाल रोली से “ॐ नमः शिवाय” लिखें और इसे भोलेनाथ को अर्पित करें। ऐसा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
- हाथ में जौ का आटा लेकर भगवान शिव के चरणों से स्पर्श कराएं। फिर इस आटे से रोटियाँ बनाएं और गाय के बछड़े या बैल को खिलाएं। ऐसा करने से बुरी नजर से छुटकारा मिलता है। घर में सुख समृद्धि बढ़ती है।
- शिव मंदिर में जाकर सवा किलो साबुत चावल ले जाएं। इसमें से कुछ मंदिर में चढ़ाएं, बाकी को गरीबों-जरूरतमंदों के बीच बाँट दें।
- जल में थोड़ा सा केसर और फूल डालकर शिवलिंग पर अर्पित करें। ऐसा करने से मनचाही जीवसाठी मिलता है। वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।
ऐसे करें पूजा
- सुबह जल्दी जागकर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें। व्रत का संकल्प लें।
- पूजा से पहले घर के मंदिर को साफ कर लें।
- गंगाजल और पंचामृत से भगवान शंकर का अभिषेक करें।
- पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें। बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें।
- महा मृत्युंजय मंत्र का जाप भी करें।
(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो पंचांग, ग्रंथों, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)

