सर्व पितृ अमावस्या पर कुंभ-मेष करें ये उपाय कोई नहीं रोक पाएगा तरक्की, मिलेगी पितरों की कृपा, धन की होगी बारिश

सर्व पितृ अमावस्या पर पितरों का तर्पण और श्राद्ध करने के अलावा दान का विशेष महत्व माना गया है। चलिए आज हम आपको कुछ विशेष उपाय बता देते हैं।
Sarva Pitru Amavasya

सर्व पितृ अमावस्या (Sarva Pitru Amavasya) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है। वैसे तो यह हर महीने पड़ती है लेकिन अश्विन मास में आने वाली सर्वप्रथम अमावस्या का विशेष महत्व माना गया है। इस में श्राद्ध तर्पण के साथ पितरों को विदा किया जाता है। इस दिन किया गया दान पितरों की आत्मा को तृप्त करता है और घर में सुख समृद्धि आती है।

दान का तो वैसे भी विशेष महत्व माना गया है। जो व्यक्ति स्थिति पर दान देता है उसे कई गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है। आज सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक का समय ज्योतिषीय दृष्टि से काफी खास बताया गया है। इस समय दान और तर्पण करने से अधिक पुण्य फल की प्राप्ति होगी।

सर्व पितृ अमावस्या पर दान का महत्व (Sarva Pitru Amavasya)

सर्वपितृ अमावस्या पर मेष और कुंभ राशि वाले अपनी तरक्की और धन-समृद्धि के लिए कुछ विशेष उपाय कर सकते हैं। मेष राशि के लोग लाल अनाज और दान दें, जबकि कुंभ राशि वाले तिल, गुड़ और काली वस्तुओं का दान करें। इन उपायों के साथ पितरों का तर्पण और ब्राह्मण भोजन कराने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

मेष राशि के लिए उपाय

दान: मेष राशि के जातकों को सर्वपितृ अमावस्या के दिन लाल रंग की वस्तुएं जैसे लाल अनाज, लाल कपड़े, लाल फल और मसूर की दाल दान करनी चाहिए।

सेवा: गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करें और उन्हें भोजन कराएं।

कुंभ राशि के लिए उपाय

दान: कुंभ राशि के जातकों को तिल, काले तिल, तिल का तेल, काली वस्तुओं जैसे कंबल और जूते-चप्पल का दान करना चाहिए।

छाया दान: शनिदेव की कृपा पाने के लिए छाया दान करना भी शुभ होता है।

इन चीजों का करें दान

  • अमावस्या के दिन काले और सफेद तिल का दान करना बहुत शुभ माना गया है। ऐसा करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है।
  • आप खीर, हलवा या फिर कोई मीठी चीज बनाकर पितरों के निमित्त अर्पित कर सकते हैं।
  • गेहूं, उड़द, चावल, मूंग और मसूर की दाल का दान करना भी शुभ माना गया है। यह चीज आपको किसी जरूरतमंद व्यक्ति को देनी होगी।
  • आप चाहे तो किशमिश, बादाम, काजू जैसे सूखे मेवे या फिर ताजा फल का दान भी कर सकते हैं।
  • जरूरतमंदों को कपड़ों का दान करें इससे पितृ प्रसन्न होते हैं। आप चाहें तो पैसों का दान भी कर सकते हैं।

सामान्य उपाय (सभी राशियों के लिए)

श्राद्ध और तर्पण: अपने पूर्वजों के नाम पर श्राद्ध और तर्पण करें। दक्षिण दिशा में मुख करके तिल, जल, पुष्प और अक्षत से पितरों को प्रसन्न करें।

ब्राह्मण भोजन: ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा देकर विदा करें।

पीपल के पेड़ पर दीपक जलाना: शाम को पीपल के पेड़ पर मिट्टी का चौमुखी दीपक जलाएं। मन में पितरों के प्रति आभार व्यक्त करें और उन्हें विदा करें।

घर की सफाई: सुबह उठकर घर को स्वच्छ करें और शुद्ध वस्त्र पहनें।

दान-पुण्य: गरीबों को वस्त्र, फल, अनाज आदि का दान करें। इससे पितृदोष शांत होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ती है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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