सावन 2025: कब से शुरू हो रहा है पावन महीना? भांग के ये 2 उपाय शिव कृपा पाने के लिए जरूर करें

सावन 2025 की शुरुआत 10 जुलाई से हो रही है। इस शिवभक्तों के खास महीने में अगर भांग से जुड़े दो खास उपाय कर लिए जाएं, तो भगवान शिव की कृपा हमेशा बनी रहती है और जीवन की परेशानियां दूर हो सकती हैं। जानिए वो असरदार उपाय क्या हैं।
Sawan 2025

सावन का महीना (Sawan 2025) भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। यह वो समय होता है जब भक्त विशेष रूप से भोलेनाथ की पूजा करते हैं और व्रत, अभिषेक और रुद्राभिषेक जैसे उपाय करते हैं। साल 2025 में सावन 10 जुलाई से शुरू होकर 7 अगस्त तक चलेगा, और इस बार पूरे महीने में 4 सोमवार पड़ेंगे, जो शिव उपासना के लिए बेहद शुभ हैं।

भांग को भगवान शिव का प्रिय पदार्थ माना गया है। इसलिए सावन के महीने में अगर कुछ खास भांग से जुड़े उपाय किए जाएं, तो शिव जी प्रसन्न होते हैं और भक्त की हर मनोकामना पूरी होती है। आइए जानते हैं कि कौन से हैं वो दो आसान और असरदार भांग उपाय, जो इस सावन में आपकी किस्मत बदल सकते हैं।

भांग से जुड़े दो चमत्कारी उपाय जो दिलाएंगे भगवान शिव की विशेष कृपा

1. शिवलिंग पर भांग अर्पित करना

सावन के सोमवार को शिवलिंग पर भांग चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है। अगर आप लगातार किसी तनाव, कोर्ट केस, या पारिवारिक कलह से गुजर रहे हैं, तो यह उपाय बहुत ही असरदार हो सकता है।

  • सोमवार के दिन सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें।
  • शिव मंदिर जाकर “ॐ नम: शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए शिवलिंग पर भांग चढ़ाएं।
  • साथ ही दूध, जल, शहद और बेलपत्र भी अर्पित करें।

2. भांग का तिलक

अगर आपकी नौकरी में प्रमोशन अटका हुआ है, बिजनेस में लगातार घाटा हो रहा है या कोई काम बार-बार बिगड़ जाता है, तो यह भांग से जुड़ा उपाय जरूर आजमाएं।

  • सावन में किसी भी सोमवार को शिव मंदिर में भांग लेकर जाएं।
  • पहले उसे शिवलिंग पर अर्पित करें और फिर थोड़ा-सा भांग अपने माथे पर तिलक के रूप में लगाएं।
  • इस दौरान “ॐ त्र्यंबकं यजामहे” मंत्र का जाप करें।

भांग के उपाय करते समय रखें ये सावधानियां

  • भांग को कभी भी नशे के रूप में न लें, इसे सिर्फ पूजन सामग्री के रूप में इस्तेमाल करें।
  • केवल सोमवार के दिन ही ये उपाय करें, और पूरी श्रद्धा के साथ करें।
  • भांग शुद्ध और ताजी होनी चाहिए। किसी अशुद्ध या खराब भांग का प्रयोग न करें।
  • भांग अर्पित करने के बाद उसे किसी को खाने के लिए न दें। ये सिर्फ पूजन तक ही सीमित हो।
Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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